Jharkhand: गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने निकले सूरज नायक पहुंचे जमशेदपुर , देशभर में कर रहे पदयात्रा

जमशेदपुर: गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजस्थान के कोटा निवासी सूरज नायक देशव्यापी पदयात्रा पर निकले हैं। अपनी यात्रा के क्रम में शनिवार को वह जमशेदपुर पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी पदयात्रा के उद्देश्य और अब तक की यात्रा के अनुभवों की जानकारी साझा की।

15 फरवरी को कोटा से शुरू की पदयात्रा

सूरज नायक ने बताया कि उन्होंने 15 फरवरी को राजस्थान के कोटा शहर से अपनी पदयात्रा की शुरुआत की थी। इस यात्रा के दौरान उनका लक्ष्य देश के चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना है।उन्होंने बताया कि अब तक एक धाम और तीन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन पूरे कर चुके हैं। वहीं, तीन धाम और नौ ज्योतिर्लिंगों की यात्रा अभी बाकी है।

पशुपतिनाथ से बैद्यनाथ धाम तक पहुंची यात्रा

पदयात्रा के दौरान सूरज नायक अब तक कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं। उनके अनुसार, उन्होंने नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर, उत्तराखंड के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम, उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ मंदिर तथा झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन किए हैं।वर्तमान में उनकी यात्रा झारखंड से आगे ओडिशा की ओर बढ़ रही है।

धार्मिक यात्रा के साथ दे रहे एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सूरज नायक का कहना है कि उनकी पदयात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन करना नहीं है। वह यात्रा के माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी पहुंचाना चाहते हैं।उन्होंने लोगों से जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर देशहित को सर्वोपरि रखने की अपील की। उनका कहना है कि समाज में आपसी भाईचारा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

करीब डेढ़ साल तक जारी रहेगी पदयात्रा

सूरज नायक ने बताया कि उनकी यह देशव्यापी पदयात्रा लगभग डेढ़ वर्ष तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान वह देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर लोगों से संवाद करेंगे और गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता तथा सद्भाव का संदेश देने का प्रयास करेंगे।

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