Bihar: सीतामढ़ी में जिला पार्षद पति की गोली मारकर हत्या, आक्रोशित भीड़ ने काटा बवाल

सीतामढ़ी: जिला मुख्यालय डुमरा थाना क्षेत्र में शनिवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब मॉर्निंग वॉक पर निकले जिला पार्षद पति सह प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन चोटिल हो गए। वहीं, इंस्पेक्टर सह यातायात थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार भी घायल हुए हैं।घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने डुमरा थाने में तालाबंदी का प्रयास किया और पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सड़क पर आगजनी कर आवागमन भी बाधित किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाइन से अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाया गया है।

मॉर्निंग वॉक के दौरान चार अपराधियों ने मारी गोली

जानकारी के अनुसार, मिश्रौलिया पंचायत के केथरिया रामपट्टी गांव में शनिवार सुबह करीब छह बजे बैद्यनाथ महतो मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान श्मशान घाट के पास बने बैठका में दो बाइक से पहुंचे चार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया।बताया जा रहा है कि अपराधियों ने बैद्यनाथ महतो पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। घटना में उन्हें आठ गोलियां लगने की बात कही जा रही है। गोली लगने से उनकी मौत हो गई।बैद्यनाथ महतो जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की पार्षद खुशदील देवी के पति एवं प्रतिनिधि बताए गए हैं।

हत्या के बाद उग्र हुई भीड़, पुलिस पर पथराव

हत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों में पुलिस के प्रति भी आक्रोश देखा गया। उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें एसपी अमित रंजन और इंस्पेक्टर सह यातायात थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार के घायल होने की जानकारी सामने आई है।इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने डुमरा थाने में तालाबंदी की कोशिश की। पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई और सड़क पर आगजनी कर यातायात बाधित किया गया।
स्थिति को देखते हुए पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति को सामान्य करने के प्रयास में जुटे हैं।

28 अगस्त को भी बैद्यनाथ महतो के घर पर हुई थी फायरिंग

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, 28 अगस्त की रात भी बैद्यनाथ महतो के घर पर कथित तौर पर हवाई फायरिंग की गई थी। घटना के बाद उन्होंने डुमरा थाने पहुंचकर पुलिस को दो खोखे उपलब्ध कराए थे।इस मामले में एजाज और त्रिभुवन समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात कही गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई।

चार दिन पहले ग्रामीणों ने किया था थाना घेराव

क्षेत्र में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चार दिन पहले ग्रामीणों ने डुमरा थाने का घेराव भी किया था। ग्रामीणों ने पुलिस से पूर्व की फायरिंग की घटना में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की थी।ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच शनिवार सुबह बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

वीडियो उपलब्ध कराने को लेकर भी ग्रामीणों ने उठाए सवाल

स्वजन और ग्रामीणों का आरोप है कि 28 अगस्त की फायरिंग के बाद पुलिस की ओर से घटना का वीडियो उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। ग्रामीणों के अनुसार, कथित तौर पर वीडियो मिलने के बाद अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी।ग्रामीणों का सवाल है कि जब फायरिंग की घटना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और पुलिस को खोखे भी उपलब्ध कराए गए थे, तो कार्रवाई के लिए अतिरिक्त साक्ष्य की आवश्यकता क्यों बताई जा रही थी।हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी

डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि गोली लगने से बैद्यनाथ महतो की मौत हुई है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन कर छापेमारी की जा रही है।हत्या के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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