काठमांडू। भारत का पड़ोसी देश नेपाल भीषण बाढ़ की चपेट में है। बुधवार 26 अगस्त की सुबह आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, 291 विदेशी नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 105 भारतीय पर्यटक शामिल हैं।बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक पहुंचने और लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।
रसुवा जिले के टिमुरे बाजार क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बाढ़ का सबसे अधिक असर रसुवा जिले के टिमुरे बाजार क्षेत्र में पड़ा है। इसके अलावा आसपास के दो अन्य बाजार क्षेत्र भी बाढ़ की चपेट में आने से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।बताया जा रहा है कि लेन्दे खोला (भोटेकोशी) में आई बाढ़ के कारण रसुवा सीमा क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। कई इलाकों में बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
अब तक 22 लोगों की मौत की सूचना
खबर लिखे जाने तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ में 22 लोगों की मौत की सूचना है। हालांकि, राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, लापता विदेशी नागरिकों में बड़ी संख्या भारतीय पर्यटकों की है। 291 लापता विदेशियों में 105 भारतीय नागरिकों के शामिल होने की बात कही गई है।
लापता लोगों की तलाश में जुटी राहत और बचाव टीमें
बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले में प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने, फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता नागरिकों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति को देखते हुए प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। अधिकारियों की ओर से लगातार हालात की निगरानी की जा रही है।
पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात
नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बातचीत कर जान-माल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त की।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा है और हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल की टीमें राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
भारत ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया
नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत ने राहत और मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है। भारतीय पर्यटकों के लापता होने की सूचना के बाद उनके परिजनों की चिंता भी बढ़ गई है।प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की ओर से लापता लोगों के संबंध में लगातार जानकारी जुटाई जा रही है।
