Jharkhand: गिरिडीह साइबर थाना पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को दबोचा, फर्जी APK से गैस बिल अपडेट के नाम पर करते थे ठगी

गिरिडीह। गिरिडीह साइबर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तेलोडीह के समीप कुछ लोग मोबाइल फोन के माध्यम से साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। सूचना मिलते ही साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

फर्जी APK भेजकर गैस बिल अपडेट के नाम पर करते थे ठगी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी सिम कार्ड और फर्जी व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल कर लोगों को “gas bill update.apk”, “gas 2 admin.apk” और “mngl gas bill update.apk” जैसी फर्जी APK फाइलें भेजते थे।आरोपी गैस बिल अपडेट कराने के नाम पर लोगों को इन फाइलों को डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते थे। जैसे ही पीड़ित फाइल इंस्टॉल करता, साइबर अपराधी उसके मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंच बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।

दो आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष मंडल (23 वर्ष), निवासी चिकसोरिया, थाना अहिल्यापुर, जिला गिरिडीह छोटू कुमार मंडल (20 वर्ष), निवासी बेहरवाटांड़, थाना बिरनी, जिला गिरिडीह के रूप में हुई है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन,5 सिम कार्ड बरामद किए हैं।

पहले भी साइबर अपराध में जा चुका है जेल

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संतोष मंडल का साइबर अपराध का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह वर्ष 2019 और 2025 में दर्ज साइबर ठगी के मामलों में जेल भी जा चुका है।इस मामले में गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 24/2026 दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड न करें। गैस बिल, बैंक, बिजली या किसी भी सरकारी सेवा से जुड़े अपडेट केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल ऐप के माध्यम से ही करें।

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