रांची: झारखंड में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। राजधानी रांची में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार 10वें दिन भी जारी रहा। इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं से पूरी तरह अवगत है और मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री बोले- सरकार पूरी गंभीरता से कर रही जांच
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है।उन्होंने कहा,”मैंने पहले भी कहा है कि सरकार की आंखें भी हैं, कान भी हैं और संवेदनशीलता भी है। हम कितनी गंभीरता के साथ इस चीज को देख रहे हैं, यह मैं सीना चीरकर तो नहीं दिखा सकता। जिस चीज के पीछे पड़ते हैं, उसे ठीक करके ही दम लेते हैं। जांच दल दिन-रात काम कर रहा है। उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। बहुत जल्द छात्रों और राज्य की जनता को इस विषय पर जानकारी देंगे।”
10वें दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन
रांची में जेपीएससी पीटी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में अभ्यर्थियों का धरना लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब छात्रों की नजर सरकार के अगले कदम और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी लगातार सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।मरांडी ने दावा किया कि कुछ अधिकारियों और बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थियों को नेपाल, बिहार और पश्चिम बंगाल ले जाकर संभावित प्रश्न याद कराए गए थे और उनमें से कई प्रश्न परीक्षा में पूछे गए। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सरकार की जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
जेपीएससी पीटी परीक्षा विवाद को लेकर अब राज्य सरकार की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सरकार ने संकेत दिया है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
