पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सावन शुरू होने से पहले ही कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। हरिद्वार से लेकर मुजफ्फरनगर, मेरठ और हापुड़ तक लाखों कांवड़ियों की आस्था देखने को मिल रही है। इसी बीच एक मुस्लिम युवक शाकिर अपनी अनोखी पहल को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।मेरठ के मवाना तहसील स्थित फलावदा कस्बे के रहने वाले शाकिर अपने मित्र मिंटू के साथ 251 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर हरिद्वार से पैदल यात्रा कर रहे हैं। मुजफ्फरनगर पहुंचने पर लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लग गई।
दूसरी बार कर रहे हैं कांवड़ यात्रा
शाकिर दूसरी बार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान वे केवल अपने दोस्त के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नहीं चल रहे, बल्कि रास्ते में मिलने वाले अन्य कांवड़ियों की सेवा भी कर रहे हैं।
‘इंसानियत सबसे बड़ा धर्म’
शाकिर और मिंटू का कहना है कि उनकी दोस्ती किसी धर्म या जाति की मोहताज नहीं है। उनका मानना है कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है और इसी संदेश को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से वे यह यात्रा कर रहे हैं।दोनों यात्रा के दौरान “जात-पात छोड़ो, इंसानियत को जोड़ो” का संदेश देते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
लोगों ने बताया सामाजिक सौहार्द की मिसाल
मुजफ्फरनगर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने शाकिर और मिंटू का स्वागत किया। कई लोगों ने उनके साथ फोटो और वीडियो भी बनाए। स्थानीय लोगों ने उनकी इस पहल को सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बताया।
