बिज़नेस न्यूज़ : भारतीय कॉर्पोरेट और वैश्विक तकनीकी जगत के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने भारतीय फिनटेक स्टार्टअप में लगभग 900 मिलियन डॉलर (करीब 8,550 करोड़ रुपये) के भारी-भरकम निवेश की आधिकारिक घोषणा की है। इस रणनीतिक महा-डील के तहत, स्टार्टअप के दूरदर्शी फाउंडर कुणाल शाह अब मेटा के मालिकाना हक वाले दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग ऐप ‘व्हाट्सएप’ के नए ग्लोबल सीईओ का पद संभालेंगे।
मेटा के इस कदम के बाद, कुणाल शाह सुंदर पिचाई (गूगल) और सत्या नडेला (माइक्रोसॉफ्ट) जैसे दिग्गज भारतीय मूल के वैश्विक टेक लीडर्स की कतार में शामिल हो गए हैं।
पहली बार किसी गुजराती मूल के भारतीय को मिली “व्हाट्सएप्प” की कमान
अभी तक वैश्विक टेक कंपनियों के शीर्ष पदों पर भारतीय मूल के पेशेवरों का दबदबा रहा है, लेकिन यह पहला मौका है जब मेटा ने किसी गुजराती परिवार से ताल्लुक रखने वाले भारतीय को व्हाट्सएप का ग्लोबल सीईओ नियुक्त किया है।कुणाल शाह मूल रूप से एक गुजराती परिवार से आते हैं, हालांकि उनका जन्म और पालन-पोषण देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (महाराष्ट्र) में हुआ है।कुणाल शाह भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का एक बेहद प्रतिष्ठित और जाना-माना नाम हैं। वे देश के सबसे सक्रिय एंजेल इन्वेस्टर्स में से एक हैं, जिन्होंने शुरुआती दौर के सैकड़ों स्टार्टअप्स और युवा फाउंडर्स को मेंटर और फंड किया है।
मेटा के सर्वोपरि बॉस मार्क जकरबर्ग ने खुद किया एलान
इस ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा खुद मेटा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप के मौजूदा प्रमुख विल कैथकार्ट सात साल तक इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को शानदार नेतृत्व देने के बाद अपना पद छोड़ रहे हैं।जकरबर्ग ने विल कैथकार्ट की तारीफ करते हुए कहा “विल मेटा के सबसे अहम और असरदार लीडर्स में से एक रहे हैं। उन्होंने व्हाट्सएप को 3 अरब (3 बिलियन) से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और हमारी कम्युनिटी की प्राइवेसी व सुरक्षा को मजबूत करने में अद्वितीय भूमिका निभाई है।”कैथकार्ट अब मेटा में ही एक नई भूमिका संभालेंगे, जहां उनका पूरा फोकस नए इनोवेटिव प्रोडक्ट्स को तैयार करने पर होगा।
मिटेन संपत संभालेंगे फिनटेक स्टार्टअप की कमान
कुणाल शाह के व्हाट्सएप के ग्लोबल ऑपरेटिंग रोल में जाने के बाद, उनके द्वारा स्थापित फिनटेक स्टार्टअप में कामकाज की निरंतरता को बनाए रखने के लिए आंतरिक बदलाव किए गए हैं। स्टार्टअप की कमान अब कंपनी के मौजूदा ‘माइनस वन’ (सीईओ के ठीक नीचे का पद) और सबसे सीनियर अधिकारियों में से एक मिटेन संपत के हाथों में होगी।यह कुणाल शाह का दूसरा ऐसा सफल स्टार्टअप है, जिससे वे बाहर निकल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 2015 से 2018 के बीच भारत के प्रसिद्ध डिजिटल पेमेंट और मोबाइल रिचार्ज प्लेटफॉर्म ‘फ्रीचार्ज’ को भी बनाया और सफलतापूर्वक बेचा था।
2018 में हुई थी शुरुआत, हाल ही में मिला है आरबीआई का लाइसेंस
2018 में शुरू हुआ यह फिनटेक स्टार्टअप महज कुछ ही सालों में देश के वित्तीय क्षेत्र का एक बड़ा स्तंभ बन गया है। एक साधारण क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट प्लेटफॉर्म से शुरुआत करने वाली यह कंपनी आज पेमेंट, लेंडिंग (ऋण), मर्चेंट सॉल्यूशन और कंज्यूमर फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स जैसे कई वर्टिकल्स के साथ एक बेहद मजबूत फाइनेंशियल सर्विस इकोसिस्टम में तब्दील हो चुकी है।हाल ही में इस कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक से ‘पेमेंट एग्रीगेटर’ का लाइसेंस भी मिला है, जिसने देश के डिजिटल पेमेंट मार्केट में इसकी स्थिति को एकाधिकार की ओर बढ़ा दिया है। अब मेटा के 900 मिलियन डॉलर के निवेश और कुणाल शाह के ग्लोबल रोल में जाने से इस भारतीय फिनटेक मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार मिलने की उम्मीद है।
