उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंक निरोधी दस्ता के एक संयुक्त अभियान में इस संदिग्ध आतंकी को पकड़ने में कामयाबी हाथ लगी है। इस ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध आतंकी के पास से कई आपत्तिजनक सामग्री पाई जाने की बात भी सामने आई है।
संदिग्ध आतंकी की पहचान सामने आई
सामने आई जानकारी के अनुसार, यूपी के सहारनपुर में ऑपरेशन में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी की पहचान नईम नाम के शख्स के रूप में की गई है। नईम के पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई से संबंध होने की बात सामने आई है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से काफी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है।
भोपाल से भी एक संदिग्ध गिरफ्तार
दूसरी ओर मध्य प्रदेश एटीएस ने जानकारी दी है कि उन्होंने पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर्स से संपर्क रखने के आरोप में भोपाल के रहने वाले मोहम्मद फ़राज़ उर्फ़ खालिद सैफुल्ला (34) को गिरफ़्तार किया है। उसने एजेंसी के सामने कबूल किया कि वह टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए उनसे जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ बीएनएस और यूएपीए की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एटीएस के मुताबिक, एक अन्य आरोपी, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद का रहने वाला नईम अब्दुल्ला, अभी फरार है। हालांकि, ताजा जानकारी के मुताबिक, माना जा रहा है कि इसी संदिग्ध नईम को यूपी में पकड़ा गया है।
मध्य प्रदेश एटीएस ने दी पूरी डिटेल
मध्य प्रदेश एटीएस ने बताया- “मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि भोपाल निवासी मोहम्मद फराज पाकिस्तानी व्हाट्सप्प ग्रुप से जुड़ा हुआ हैंऔर वह पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर अन्य लड़कों को जोड़कर देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयारी कर रहा हैं। वरिष्ठ अधिकारियोंद्वारा एटीएस भोपाल की टीम को त्वरित कार्यवाही करने हेतु आदेश दिया गया। टीम द्वारा फराज को तलाश कर उससे पूछताछ की गयी। पूछताछ में उसके द्वारा स्वीकार किया गया किवह करीब 5-6 साल पहले से मोवाइल फोन के माध्यम से देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला से संपर्क में था। नईम अब्दुल्ला ने फराज का परिचय पाकिस्तानी हैंडलर से करवाया था। धीरे धीरे फराज उस पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़ गया था। पाकिस्तानी हैंडलर ने फराज को जिहाद में शामिल होने हेतु प्रेरित किया। उसने कहा कि वह कई लड़कों को तैयार कर चुका हैं, अब तुम्हें भी उसके लिए तैयार होना पड़ेगा। फराज ने पाकिस्तानी हैंडलर से कोई भी काम सौंपे जाने पर पूरा किये जाने की शपथली थी।”
मध्य प्रदेश एटीएस ने आगे बताया- “फराज ने पूछताछ में बताया कि वह टेलीग्राम और व्हाट्सप्प ग्रुप के माध्यम से कई पाकिस्तानी, हिन्दुस्तानी तथा अन्य देशों के मुजाहिदों से जुड़ा हैं। उसे नईम ने पाकिस्तानी शहीद खालिद सैफुल्लाह का नाम देकर उनके जैसे वनने और काम करने की प्रेरणा दी। तब से वह जिहाद के काम में इसी नाम का उपयोग करता हैं। हमें लोगों में भय पैदा करने तथा समय आने पर टारगेट कीलिंग का काम करने को बताया गया। सभी लड़ाकों को पासपोर्ट तैयार करने को बताया गया जो समय आने पर किसी अन्य देश के माध्यम से पाकिस्तान पहुंचकर मुजाहिदीन की ट्रेनिंग ले सके। मैंने भी अपना पासपोर्ट बनवा लिया था। इसके मोटिवेशन के लिए इंडियन मुजाहिदीन के लड़ाको की ट्रेनिग का वीडियों भी हमें भेजा गया। हमें पीएफआई तंजीम के मिशन 2047 के एजेंडे को लागू करना हैं और उसकी तैयारी करना हैं। हैंडलर ने शपथ दिलाकर बताया था कि हमें लोकतांत्रिक शासन कबूल नहीं है। इसके लिए हम लड़ाके तैयार कर रहे हैं। प्रत्येक लड़ाके के पास हथियार होने चाहिए जव समय आयेगा तव हम सारे हिन्दुस्तान में एक साथ अपने लड़ाको को हुक्म देकर हिन्दुस्तानी शासन को जड़ से उखाड़कर शरियत लागू करेगें। आरोपी मोहम्मद फराज से जिहादी सामग्री पायी गयी है जो उसकी वात की पुष्टि करती है। उपरोक्त घटना देशविरोधीसाबित होने पर आरोपी मोहम्मद फराज एवं नईम अब्दुल्ला के विरूद्ध थाना STF भोपाल में अपराध क्रमांक 06/26 धारा 152BNS 2023,13(1)(B), 18UA(P) Act. 1967 दर्ज करआरोपी मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण के अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।”
