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Bihar: शाहपुर के जवनिया गांव पहुंचे जल संसाधन सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह; ₹52.56 करोड़ की गंगा कटाव निरोधी परियोजना का किया औचक निरीक्षण

शाहपुर : बिहार में मानसून की दस्तक से पहले बाढ़ सुरक्षात्मक तैयारियों को अमलीजामा पहनाने के लिए जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने गुरुवार को भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे सुदूर जवनिया गाँव का दौरा किया। उन्होंने वहां गंगा नदी के तट पर युद्धस्तर पर चल रहे कटाव निरोधी कार्यों का गहन स्थल निरीक्षण किया।सचिव ने न केवल परियोजना की भौतिक प्रगति और तकनीकी गुणवत्ता को जांचा, बल्कि बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए अभियंताओं को कड़े निर्देश जारी किए।

₹52.56 करोड़ से सुरक्षित होंगे गंगा किनारे बसे कई गांव

निरीक्षण के दौरान मौजूद विभागीय अभियंताओं ने सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह को परियोजना की तकनीकी बारीकियों और इसकी उपयोगिता से अवगत कराया। गंगा नदी के दाहिने तट पर स्थित गंगापुर, भुसौला, नन्दपुर एवं दामोदरपुर (जवनिया) गांवों को नदी की तेज धारा के कटाव से स्थाई रूप से सुरक्षित रखने के लिए यह काम कराया जा रहा है।नदी के किनारे लगभग 1200 मीटर (1.2 किलोमीटर) की लंबाई में बोल्डर क्रेटिंग और जियो बैग्स के जरिए कटाव निरोधी कार्य किया जा रहा है। इस पूरी महात्वाकांक्षी परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति राशि ₹52.56 करोड़ है।

“गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, 1 महीने में काम करें पूरा”— सचिव का कड़ा निर्देश

आगामी मानसून और गंगा नदी के जलस्तर में होने वाली संभावित वृद्धि को देखते हुए सचिव ने संवेदकों (ठेकेदारों) और इंजीनियर्स की क्लास लगाई। सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने स्पष्ट लहजे में निर्देश दिया कि मानसून की संवेदनशीलता को देखते हुए तटबंध और नदी किनारे सभी आवश्यक लॉजिस्टिक्स व संसाधनों की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी हाल में अगले एक माह के भीतर (बाढ़ का सीजन पूरी तरह सक्रिय होने से पहले) काम को मुकम्मल किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ग्रामीणों के बीच पहुंचे सचिव, जमीनी हकीकत का लिया फीडबैक

अक्सर वीआईपी दौरों में अधिकारी केवल कागजी फाइलों को देखकर लौट जाते हैं, लेकिन जवनिया में सचिव ने सीधे गंगा तट पर मौजूद स्थानीय किसानों और ग्रामीणों से चौपाल लगाकर सीधा संवाद किया। ग्रामीणों ने सचिव के सामने गंगा नदी के निरंतर होने वाले भीषण कटाव से पिछले वर्षों में हुए नुकसान की चुनौतियों को साझा किया। साथ ही, उन्होंने ₹52.56 करोड़ की इस बड़ी योजना के शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि इससे उनके घर और खेत नदी में विलीन होने से बच जाएंगे।सचिव ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस ऊंचे बोल्डर पिचिंग कार्य के पूर्ण होने से शाहपुर प्रखंड की एक बड़ी आबादी, उपजाऊ कृषि भूमि और सरकारी सार्वजनिक परिसंपत्तियों का स्थाई संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता सहित जिला प्रशासन के कई आला अधिकारी और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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