कोलकाता : पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने ‘डबल इंजन सरकार’ के सपने को सच कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए दो सबसे प्रमुख वादों— ‘संस्थागत भ्रष्टाचार का खात्मा’ और ‘महिलाओं की सुरक्षा’ — पर राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
पूर्व जस्टिस बिस्वजीत बसु की कमेटी करेगी ‘कट मनी’ और घोटालों की जांच
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक शुचिता को लेकर सबसे बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि राज्य कैबिनेट ने संस्थानिक भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी के गठन को मंजूरी दी है। इस कमेटी की कमान कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस बिस्वजीत बसु को सौंपी गई है। यह कमेटी केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में हुए पिछले वित्तीय भ्रष्टाचार, बहुचर्चित ‘कट मनी’ मामले, और पीएम आवास योजना सहित विभिन्न गड़बड़ियों की गहन जांच करेगी। यह कमेटी आगामी 1 जून 2026 से आधिकारिक तौर पर अपना काम शुरू कर देगी।कमेटी भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश करेगी। राहत की बात यह है कि आम जनता भी इस कमेटी के समक्ष सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेगी। कमेटी 30 दिनों के भीतर अपनी पहली सिफारिशें सौंपना शुरू कर देगी।
महिला और बाल उत्पीड़न मामलों के लिए पूर्व जस्टिस समाप्ति चटर्जी की कमेटी
आरजी कर अस्पताल जैसी संवेदनशील घटनाओं की पृष्ठभूमि को देखते हुए, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के लिए दूसरी कमेटी का गठन किया गया है। इस विशेष विंग और कमेटी का नेतृत्व पूर्व जस्टिस समाप्ति चटर्जी करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरजी कर अस्पताल कांड, कसबा कॉलेज विवाद समेत राज्य में महिलाओं पर हुए अत्याचार से जुड़े तमाम पुराने और संवेदनशील मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा और उनकी नए सिरे से त्वरित जांच होगी।
‘जल जीवन मिशन’ को धरातल पर उतारने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल की जनता लंबे समय से ‘हर घर नल का जल’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का इंतजार कर रही थी।कागजों में योजना लागू होने के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद संतोषजनक नहीं रही है।नई सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में युद्ध स्तर पर काम करेगी और इस संबंध में जरूरी वित्तीय और प्रशासनिक सहमति बन चुकी है।
“बंगाल में अभी बहुत काम बाकी, वित्तीय स्थिति ठीक नहीं”
सच्चाई और पारदर्शिता के साथ बात रखते हुए सीएम अधिकारी ने स्वीकार किया कि बंगाल को विकास की पटरी पर वापस लाने के लिए अभी बहुत काम करना बाकी है। उन्होंने साफ तौर पर माना कि राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति बेहतर नहीं है और खजाना काफी हद तक खाली है, लेकिन इसके बावजूद जनता से किया गया हर एक वादा प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
