रांची: आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार को होटवार जेल से रिहा कर दिया गया।सोमवार को ही जमानत मंजूर हो गई थी, लेकिन आदेश अपलोड नहीं होने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी थी। अब आदेश जारी होने के बाद आलमगीर आलम को जेल से रिहा कर दिया गया।
पीए संजीव लाल भी जेल से बाहर
आलमगीर आलम के साथ उनके निजी सहायक संजीव लाल को भी जेल से रिहा किया गया है।
हाई कोर्ट से खारिज हुई थी जमानत याचिका
इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने आलमगीर आलम और संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
कोर्ट में वकीलों ने रखी ये दलील
सुप्रीम कोर्ट में आलमगीर आलम की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है।वकीलों ने कहा कि जांच एजेंसियों को आलमगीर आलम के पास से किसी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री या नकदी बरामद नहीं हुई थी। इसी आधार पर जमानत देने की मांग की गई।
स्वास्थ्य कारणों का भी दिया गया हवाला
वकीलों ने अदालत को यह भी बताया कि आलमगीर आलम की तबीयत ठीक नहीं रहती और वह कई बीमारियों से जूझ रहे हैं।इन सभी दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत देने का फैसला सुनाया।
हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री रह चुके हैं आलमगीर
आलमगीर आलम हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री रह चुके हैं। हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।
