Uttar Pradesh: धनंजय सिंह पर हमले के मामले में विधायक अभय सिंह और एमएलसी विनीत सिंह बरी, 24 साल बाद कोर्ट का फैसला

वाराणसी : जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर 24 साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने गोसाईगंज विधायक अभय सिंह और एमएलसी विनीत सिंह समेत सभी छह आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।

क्या था 24 साल पुराना मामला?

यह घटना 4 अक्टूबर 2002 की है, जब धनंजय सिंह जौनपुर से वाराणसी लौट रहे थे।वाराणसी के नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के सामने धनंजय सिंह के काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और चालक को गोलियां लगी थीं और वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। धनंजय सिंह ने तत्कालीन समय में अभय सिंह और उनके साथियों पर फायरिंग का सीधा आरोप लगाया था। बाद में जांच के दौरान एमएलसी विनीत सिंह और अन्य के नाम भी इस मामले में जुड़े थे।

इन आरोपियों को मिली राहत

अदालत ने जिन लोगों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है, उनमें शामिल हैं
अभय सिंह (अयोध्या की गोसाईगंज सीट से वर्तमान विधायक),विनीत सिंह (एमएलसी),संदीप सिंह,संजय सिंह रघुवंशी,विनोद सिंह और सतेन्द्र सिंह

साक्ष्य के अभाव में पलटा मामला

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस और अकाट्य साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा। फैसले के वक्त वादी धनंजय सिंह और आरोपी पक्ष के दोनों दिग्गज (अभय सिंह व विनीत सिंह) अदालत में मौजूद थे।

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