
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। बैठक के बाद स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने जानकारी दी कि सरकार ने सिंचाई, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इसके साथ ही, कैबिनेट ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया।
कैबिनेट के 5 सबसे महत्वपूर्ण फैसले
सागर को बड़ी सौगात: सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे 27 गांवों की 7,200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
सड़क और बुनियादी ढांचा: लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए सबसे बड़ा हिस्सा यानी 10,801 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
शिक्षा और मिड-डे मील: प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन के लिए 3,553.35 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
चिकित्सा शिक्षा: केंद्र की मदद से नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की योजना को अगले 5 साल तक जारी रखने के लिए 1,674 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
महिला सुरक्षा: मैहर, मऊगंज, पांढुर्ना और इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोले जाएंगे। इसके साथ ही ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और महिला हेल्पलाइन (181) के लिए 240.42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम: जिलों में होंगे बड़े आयोजन
कैबिनेट ने 33% महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के लिए केंद्र सरकार की सराहना की।इस ऐतिहासिक कानून के प्रति जागरूकता लाने के लिए हर जिले में 25 अप्रैल तक बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
सीएम का संदेश
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि इस अधिनियम से नीति निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका और भी सशक्त होगी।
वैश्विक तनाव और महंगाई पर चर्चा
कैबिनेट में ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक स्थितियों पर भी चर्चा हुई। मंत्रियों ने इस बात की सराहना की कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद केंद्र सरकार ने देश में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने में सफलता हासिल की है।
अन्य प्रमुख स्वीकृतियां
भोपाल गैस त्रासदी: राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को साल 2031 तक निरंतर रखने के लिए 1,005 करोड़ रुपये की मंजूरी।
कृषि मेकेनाइजेशन : खेती में आधुनिक मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 2,250 करोड़ रुपये स्वीकृत।



