Jharkhand: उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक नहीं, सरगना अतुल वत्स समेत 164 गिरफ्तार

रांची : झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमिशन और रांची पुलिस ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने खुलासा किया कि परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि बिहार के एक गिरोह ने असली पेपर देने के नाम पर सैकड़ों अभ्यर्थियों से करोड़ों की ठगी की है।

तमाड़ के एक भवन में चल रही थी ‘रटवाने’ की क्लास

रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के एक भवन में कुछ संदिग्ध लोग अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र रटवा रहे हैं। पुलिस की विशेष टीम ने जब वहां छापेमारी की, तो मौके से 159 अभ्यर्थियों और सॉल्वर गैंग के 5 सदस्यों को पकड़ा गया। पुलिस की जांच में सामने आया कि जो प्रश्न पत्र अभ्यर्थियों को रटवाए जा रहे थे, वे मूल परीक्षा के प्रश्न पत्र से बिल्कुल अलग थे। यानी गिरोह फर्जी पेपर दिखाकर अभ्यर्थियों को बेवकूफ बना रहा था।

सरगना अतुल वत्स ने की करोड़ों की ठगी

जांच में बिहार के जहानाबाद निवासी अतुल वत्स को इस पूरे सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड बताया गया है।गिरोह ने प्रत्येक अभ्यर्थी से नौकरी दिलाने के नाम पर 15-15 लाख रुपये में सौदा किया था।अतुल वत्स ने अपने साथियों के साथ मिलकर झारखंड के युवाओं को निशाना बनाया और पेपर मुहैया कराने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए।

जेएसएससी का बड़ा फैसला: पकड़े गए अभ्यर्थियों पर ‘लाइफटाइम बैन’

जेएसएससी के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि परीक्षा पूरी तरह ईमानदारी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबरें महज अफवाह थीं। प्रश्न पत्र लीक होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।बेईमानी की कोशिश करने वाले सभी 159 अभ्यर्थियों को जेएसएससी ने भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं के लिए आजीवन प्रतिबंधित कर दिया है।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

एसएसपी के अनुसार, कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी परीक्षा के लिए बिचौलियों को पैसे न दें और केवल अपनी मेहनत पर भरोसा करें।

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