National: अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ ईडी का बड़ा एक्शन,6.3 करोड़ कैश सहित 7.5 करोड़ के जेवरात अब तक बरामद

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। 10 अप्रैल को दिल्ली और गुरुग्राम में कुल 10 ठिकानों पर की गई छापेमारी में ईडी ने करोड़ों की नकदी, सोना और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं। यह कार्रवाई संयुक्त निदेशक नेहा यादव के नेतृत्व में अंजाम दी गई।
छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद?
ईडी की टीम ने कंपनी के प्रमोटरों और डायरेक्टरों के ठिकानों को खंगाला, जहां से भारी मात्रा में कीमती सामान मिला है। करीब 6.3 करोड़ रुपये कैश, 7.5 करोड़ रुपये मूल्य के गहने और चांदी की ईंटें। छापेमारी में कई महंगी ब्रांडेड घड़ियां भी जब्त की गई हैं।100 से ज्यादा संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, जिनकी बाजार में कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
2000 करोड़ का निवेश और हजारों घर खरीदार परेशान
ईडी की जांच में अर्थ ग्रुप के एक बड़े स्कैम का खुलासा हुआ है। कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ में कई लुभावने प्रोजेक्ट्स के नाम पर लोगों से निवेश कराया था। कंपनी ने 19,425 से अधिक घर खरीदारों से लगभग 2024.45 करोड़ रुपये जुटाए।अर्थ टाउन, अर्थ सफायर कोर्ट, अर्थ कॉपिया और अर्थ स्काईगेट जैसे दर्जनों प्रोजेक्ट्स का वादा किया गया था, लेकिन निवेश के बावजूद खरीदारों को न घर मिले और न ही उनका पैसा वापस हुआ।
पैसे की हेराफेरी: फर्जी कंपनियों और निजी सैलरी का खेल
ईडी ने खुलासा किया है कि निवेशकों के पैसे का इस्तेमाल प्रोजेक्ट पूरा करने के बजाय गलत कामों में किया गया। फर्जी कंपनियों के जरिए पैसा इधर-उधर घुमाया गया।इस रकम से प्रमोटरों ने निजी जमीनें खरीदीं और परिवार के उन सदस्यों को भारी वेतन दिया जो कंपनी के कामकाज में शामिल ही नहीं थे।पैसे को उन क्षेत्रों और डील्स में लगाया गया जिनका रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से कोई संबंध नहीं था।
मुख्य आरोपी और कानूनी शिकंजा
इस घोटाले में अवधेश कुमार गोयल, रजनीश मित्तल, अतुल गुप्ता और विकास गुप्ता को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना गया है। मामले की शुरुआत दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज 5 एफआईआर और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय की रिपोर्ट के बाद हुई थी।
ईडी का बयान
जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि धन शोधन निवारण कानून के तहत जांच अभी जारी है। जब्त किए गए दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां और संपत्तियों की कुर्की संभव है।



