दुमका : झारखंड के दुमका जिले में होमगार्ड (गृह रक्षा वाहिनी) बहाली को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक फर्जी सूचना पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दुमका जिला प्रशासन ने तत्काल स्पष्टीकरण जारी किया है। जिला जनसंपर्क कार्यालय ने प्रेस रिलीज के माध्यम से बताया कि वायरल हो रहा विज्ञापन पूरी तरह भ्रामक, असत्य और फर्जी है।
उपायुक्त के फर्जी हस्ताक्षर और 10 अप्रैल की तारीख
ठगी और भ्रम फैलाने की नीयत से तैयार किए गए इस पत्र में जालसाजों ने शातिराना तरीका अपनाया है। विज्ञापन में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के पद और नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है।पत्र को आधिकारिक दिखाने के लिए इसमें जाली हस्ताक्षर किए गए हैं और 10 अप्रैल 2026 की तिथि अंकित की गई है। इसमें शारीरिक जांच और लिखित परीक्षा की फर्जी तारीखों का उल्लेख है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
प्रशासन की अपील: आधिकारिक स्रोतों पर ही करें भरोसा
जिला प्रशासन ने युवाओं और अभ्यर्थियों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट या अनधिकृत पत्र पर यकीन न करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में वायरल हो रही इस सूचना का कोई कानूनी या विभागीय आधार नहीं है।होमगार्ड भर्ती से संबंधित शारीरिक जांच और परीक्षा की आधिकारिक तिथियों को लेकर विभागीय कार्रवाई अभी प्रक्रियाधीन है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आधिकारिक वेबसाइट और समाचार पत्रों के माध्यम से सूचना दी जाएगी।
जालसाजों पर होगी ‘डिजिटल स्ट्राइक’
फर्जी सूचना फैलाकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर अब कानूनी शिकंजा कसने वाला है।जिला प्रशासन ने साइबर सेल की मदद से उन ग्रुप्स और व्यक्तियों की पहचान शुरू कर दी है, जिन्होंने इस फर्जी विज्ञापन को सबसे पहले साझा किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ और अफवाह फैलाने के जुर्म में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।दुमका के युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल जिले की आधिकारिक वेबसाइट dumka.nic.in का ही अवलोकन करें।
