गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में औद्योगिक विकास की रफ्तार को एक और बड़ा पंख लगने जा रहा है। दिग्गज औद्योगिक घरानों अदाणी और अंबानी समूह के बाद अब टाटा पावर ने भी गोरखपुर में भारी निवेश की इच्छा जताई है। टाटा पावर यहाँ 100 मेगावाट क्षमता का विशाल सोलर पावर प्लांट स्थापित करने जा रहा है, जिसके लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
धुरियापार इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 300 एकड़ जमीन चिह्नित
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने टाटा पावर के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए कमर कस ली है। गीडा ने धुरियापार औद्योगिक कॉरिडोर में टाटा पावर के लिए लगभग 300 एकड़ जमीन चिह्नित की है। जल्द ही टाटा पावर की एक हाई-लेवल तकनीकी टीम धुरियापार का दौरा करेगी। जमीन पसंद आते ही आवंटन और एमओयू की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। गीडा के एसीईओ राम प्रकाश ने पुष्टि की है कि कंपनी की मांग के अनुसार जमीन की पहचान कर ली गई है और प्रतिनिधियों को जल्द ही स्थल निरीक्षण कराया जाएगा।
₹800 करोड़ का निवेश और 20 करोड़ यूनिट बिजली
टाटा पावर का यह सोलर प्लांट न केवल विकास बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना पर लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह पूरी तरह सौर ऊर्जा पर आधारित होगा, जिससे हर साल करीब 20 करोड़ यूनिट हरित बिजली का उत्पादन होगा। अनुमान है कि इस पावर प्लांट से सीधे तौर पर 300 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि सैकड़ों अन्य लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलेगा।अदाणी और अंबानी समूह के बाद टाटा जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के आने से गोरखपुर पूर्वांचल के सबसे बड़े औद्योगिक हब के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
विकास की राह पर दौड़ता गोरखपुर
विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा पावर के इस निवेश से गोरखपुर में बिजली की आपूर्ति सुधरेगी और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद मिलेगी। धुरियापार क्षेत्र, जो कभी उपेक्षित माना जाता था, अब बड़े कॉर्पोरेट्स की पहली पसंद बनता जा रहा है। गीडा अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन का लक्ष्य इस परियोजना को रिकॉर्ड समय में धरातल पर उतारना है।
