Uttar Pradesh: बलिया के एसडीएम पर पालतू कुत्ते का जानलेवा हमला, गोंडा में मासूम को कुत्तों ने नोचकर किया लहूलुहान

लखनऊ/गोंडा/बलिया: उत्तर प्रदेश में आवारा और पालतू कुत्तों का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है। हालिया घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बलिया में जहां एक एसडीएम अपने ही पालतू कुत्ते के हमले में इतने गंभीर रूप से घायल हो गए कि उन्हें साइन की जगह अंगूठा लगाना पड़ा, वहीं गोंडा में एक 7 साल की मासूम बच्ची कुत्तों के हमले में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।

गोंडा: प्रसाद लेकर लौट रही 7 साल की देवांशी पर हमला

गोंडा जिले के धानेपुर कस्बे में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे रूह कंपा देने वाली घटना हुई।गोरथनिया गांव की रहने वाली देवांशी (7 वर्ष) गांव में ही सत्यनारायण कथा से प्रसाद लेकर घर लौट रही थी। सुनसान रास्ता पाकर कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोचने लगे। एक राहगीर ने जब कुत्तों को बच्ची को नोचते देखा, तो पत्थर मारकर उन्हें खदेड़ा। तब तक बच्ची लहूलुहान हो चुकी थी और उसके कपड़े फट चुके थे।
बच्ची को पहले सीएचसी मुजेहना और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर (लखनऊ) रेफर कर दिया है। बता दें कि 15 दिन पहले ही इसी इलाके में मुस्कान नाम की बच्ची को कुत्तों ने नोचकर मार डाला था।

बलिया: एसडीएम को साइन की जगह लगाना पड़ा अंगूठा

बलिया के बैरिया में तैनात एसडीएम आलोक प्रताप सिंह के साथ हुई घटना ने सबको हैरान कर दिया है। एसडीएम के अनुसार, उनके पालतू कुत्ते ने अचानक उनके पिता पर हमला कर दिया था। पिता को बचाने के चक्कर में कुत्ता एसडीएम से उलझ गया और उनके दोनों हाथों की उंगलियों को बुरी तरह चबा डाला। एसडीएम का छुट्टी का आवेदन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चोट इतनी गंभीर थी कि वे दस्तखत नहीं कर सके और उन्हें आवेदन पर अंगूठे का निशान लगाना पड़ा।डीएम ने उन्हें 6 से 13 मार्च तक के अवकाश की अनुमति दी है और उनकी जगह संजय कुशवाहा को चार्ज सौंपा गया है।

बढ़ता खतरा और प्रशासन की चुनौती

यूपी में कुत्तों के बढ़ते हमलों ने नगर निकायों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।गोंडा जैसी घटनाओं से ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता है।पिटबुल और रॉटविलर जैसे खतरनाक ब्रीड्स के बाद अब सामान्य पालतू कुत्ते भी हिंसक व्यवहार कर रहे हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती गर्मी और ब्रीडिंग सीजन के कारण कुत्ते अधिक आक्रामक हो रहे हैं, ऐसे में बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचना चाहिए।

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