Jharkhand: स्थायीकरण की मांग को लेकर रसोइया संयोजिका संघ का हल्ला बोल, जुलूस निकाल सरकार के खिलाफ जताया आक्रोश

सिमडेगा: झारखंड के सिमडेगा जिले में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत झारखंड प्रदेश रसोइया संयोजिका संघ ने आज अपनी आवाज बुलंद की। स्थायीकरण और सम्मानजनक वेतन की मांग को लेकर सैकड़ों रसोइयों ने शहर की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और समाहरणालय तक विरोध जुलूस निकाला।

अलबर्ट एक्का स्टेडियम से समाहरणालय तक पैदल मार्च

गुरुवार को संघ के प्रदेश महासचिव प्रेम नाथ विश्वकर्मा की अगुवाई में जिले भर से आए रसोइया और संयोजिका अलबर्ट एक्का स्टेडियम में एकत्रित हुए। यहाँ से बैनर-पोस्टर के साथ जुलूस की शुरुआत हुई। आंदोलनकारी ‘मानदेय नहीं वेतन चाहिए’ और ‘हमारी मांगें पूरी करो’ के नारे लगाते हुए समाहरणालय पहुंचे।

दबाव की राजनीति से संघ में आक्रोश

आंदोलन के दौरान प्रदेश महासचिव प्रेम नाथ विश्वकर्मा ने प्रशासन और विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा एक तरफ हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रसोइया संयोजिकाओं पर आंदोलन छोड़कर काम पर लौटने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है। सरकार और प्रशासन हमें डराने की कोशिश न करे, जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रमुख मांगें और ज्ञापन सौंपा

जुलूस के समाहरणालय पहुँचने पर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का मांग-पत्र डीसी (सिमडेगा) को सौंपा। इसके अलावा, रसोइयों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए सिमडेगा विधायक को भी एक ज्ञापन सौंपकर सरकार तक उनकी बात पहुँचाने की अपील की।संघ की मुख्य मांगें है जिसमे रसोइया और संयोजिकाओं की सेवा को स्थायी किया जाए।मानदेय’ की व्यवस्था को समाप्त कर सम्मानजनक मासिक वेतन लागू किया जाए।कार्य के दौरान सुरक्षा और अन्य सामाजिक लाभ सुनिश्चित हों।

काम ठप करने की चेतावनी

संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिससे स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।

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