पटना/नई दिल्ली: बिहार की सियासत में लंबे समय से चल रहा सस्पेंस अब पूरी तरह खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि वे अब राज्यसभा जा रहे हैं। नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए इस फैसले की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, वह आज यानी गुरुवार दोपहर 2 बजे राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
क्यों लिया राज्यसभा जाने का फैसला? नीतीश ने खुद बताया कारण
नीतीश कुमार के इस फैसले ने सबको चौंका दिया है कि आखिर अपने सियासी सफर के इस पड़ाव पर वह पटना का गलियारा छोड़ दिल्ली क्यों जाना चाहते हैं? इसका जवाब नीतीश कुमार ने अपनी पोस्ट में दिया है। उन्होंने बताया कि यह उनकी एक पुरानी इच्छा (तमन्ना) थी।
नीतीश कुमार ने लिखा संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं।गौरतलब है कि नीतीश कुमार अपने लंबे राजनीतिक करियर में लोकसभा, बिहार विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। उनके नाम के साथ केवल ‘राज्यसभा सदस्य’ का टैग जुड़ना बाकी था, जिसे वे अब पूरा करने जा रहे हैं।
“विकसित बिहार का संकल्प रहेगा कायम”
राज्यसभा जाने के फैसले के साथ ही नीतीश कुमार ने बिहार की जनता को भरोसा दिलाया कि उनका प्रदेश के प्रति प्रेम कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनके और जनता के बीच का संबंध भविष्य में भी अटूट रहेगा।नीतीश ने स्पष्ट किया कि बिहार में जो भी नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। उन्होंने पिछले दो दशकों से मिल रहे अटूट विश्वास और समर्थन के लिए बिहारवासियों का आभार व्यक्त किया।
बिहार की राजनीति में अब क्या होगा?
नीतीश कुमार के दिल्ली कूच करने के फैसले के बाद अब बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि नीतीश की विरासत कौन संभालेगा और नई सरकार का स्वरूप क्या होगा। दोपहर 2 बजे नामांकन के बाद बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
