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Rajasthan: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का सस्पेंस खत्म, 18 दिनों की मैराथन जांच और विसरा रिपोर्ट के बाद जोधपुर पुलिस ने सुलझाई गुत्थी

जोधपुर: राजस्थान की प्रसिद्ध युवा साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर पिछले 18 दिनों से बना सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। साजिश, जहर और मेडिकल लापरवाही जैसे गंभीर सवालों के बीच घिरी इस गुत्थी को जोधपुर पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझा लिया है। 28 जनवरी को हुई उनकी मौत के बाद से ही पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा था, जिसे लेकर अब पुलिस ने स्थिति साफ कर दी है।

तफ्तीश के बड़े आंकड़े: पुलिस ने खंगाला कोना-कोना

इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी। जांच की गहराई का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है कि 44 गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज किए गए।106 लोगों की कॉल डिटेल खंगाली गई।100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच हुई।37 से अधिक विसरा और अन्य मेडिकल नमूनों की पड़ताल की गई।

एफएसएल और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट ने दिया जवाब


पुलिस को इस मामले के फाइनल ओपिनियन के लिए स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब्रोटरी, जयपुर की रिपोर्ट का इंतजार था। 16वें दिन विसरा रिपोर्ट आने के बाद, 18वें दिन पुलिस ने मेडिकल एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के बोर्ड के साथ लंबी चर्चा की। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने निष्कर्ष निकाला है कि मौत की वजह वह नहीं थी जिसकी आशंका अनुयायी और परिवार जता रहे थे। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भले ही मौत की प्राथमिक वजह स्पष्ट हो गई हो, लेकिन ‘इंजेक्शन का सच’ और उससे जुड़ी कड़ियों की जांच अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई है।

पिता और अनुयायियों की मांग और पुलिस की चुनौती

28 जनवरी को जब प्रेम बाईसा की मौत हुई, तो उनके पिता वीरमनाथ ने सीधे तौर पर साजिश का आरोप लगाया था। हजारों अनुयायी सड़कों पर थे और सोशल मीडिया पर ‘जस्टिस फॉर प्रेम बाईसा’ की लहर थी। पुलिस के लिए यह केस न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि जनभावनाओं से भी जुड़ा था। डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम और फिर हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के बाद अब वैज्ञानिक प्रमाणों ने अफवाहों पर विराम लगा दिया है।

कहानी में अभी क्या बाकी है?

जोधपुर पुलिस ने भले ही इस केस को मोटे तौर पर ‘कनक्लूड’ कर दिया है, लेकिन कुछ तकनीकी पहलुओं पर अभी भी काम जारी है। विशेष रूप से उस इंजेक्शन के प्रभाव और समय को लेकर जांच की जा रही है जो मौत से कुछ समय पहले की चर्चाओं में था। पुलिस जल्द ही इस मामले में औपचारिक प्रेस नोट जारी कर विस्तृत तकनीकी जानकारी साझा कर सकती है।

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