Uttar Pradesh: श्री कल्कि धाम स्थापना दिवस पर आचार्य प्रमोद कृष्णम बने ‘जगद्गुरु’, संत समाज ने दी मान्यता

संभल (उत्तर प्रदेश): संभल जनपद के चोरा गांव स्थित निर्माणाधीन श्री कल्कि धाम के स्थापना दिवस समारोह में गुरुवार को भव्य धार्मिक आयोजन के बीच आचार्य प्रमोद कृष्णम को ‘जगद्गुरु’ घोषित किया गया।यह घोषणा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और विभिन्न अखाड़ों के संतों की उपस्थिति में की गई। घोषणा के बाद संतों ने उन्हें चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया और पुष्पवर्षा की।

महायज्ञ से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

समारोह की शुरुआत सुबह श्री कल्कि यज्ञशाला में महायज्ञ से हुई, जिसमें आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पूर्णाहुति दी।गौरतलब है कि दो वर्ष पूर्व इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री कल्कि धाम का शिलान्यास किया था। स्थापना दिवस पर उनके शिलान्यास भाषण का प्रसारण भी स्क्रीन के माध्यम से किया गया।

भजन, सुंदरकांड और काव्य पाठ से सजी संध्या

यज्ञ के बाद मुख्य पंडाल में भजन गायक प्रेम प्रकाश दूबे ने सुंदरकांड पाठ प्रस्तुत किया। कवयित्री अनामिका अंबर के ओजपूर्ण काव्य पाठ ने कार्यक्रम में ऊर्जा भर दी।“राम भक्त ही राज करेगा दिल्ली के सिंहासन पर” गीत पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए। फूलों की होली समारोह का विशेष आकर्षण रही।

संत समाज का समर्थन गौरव की बात

अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी की मौजूदगी में आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद जी ने ‘जगद्गुरु’ घोषित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे परिषद ने स्वीकार कर आधिकारिक घोषणा की।जगद्गुरु घोषित होने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि संत समाज का समर्थन उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सनातन और भारत एक-दूसरे के पूरक हैं।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुनील शर्मा ने भी भाग लिया। समापन अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बाहर से आए संतों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, झारखंड और उड़ीसा सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।

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