Bihar: अब ‘स्मार्ट’ बनेंगे पैक्स, मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने पैक्स अध्यक्षों के राज्यव्यापी अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम का किया आगाज़

पटना: बिहार सरकार ने राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने आज पटना में विकसित पैक्सों के लिए “प्रशिक्षण-सह-अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम” का विधिवत शुभारंभ किया।

प्रथम दल नालंदा के तेलहारा पैक्स के लिए रवाना

इस कार्यक्रम के तहत दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान (पटना) से नालंदा जिले के एकंगरसराय प्रखंड स्थित तेलहारा पैक्स के लिए प्रथम जत्थे को रवाना किया गया। इस दल में पटना जिले के 25 पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक शामिल हैं। मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर इस राज्यव्यापी ‘परिभ्रमण-दर्शन’ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।

सफल मॉडलों से सीखेंगे अन्य पैक्स

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा सरकार पैक्स को सशक्त, आत्मनिर्भर और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जब पैक्स अध्यक्ष विकसित पैक्सों के सफल मॉडलों और उनकी ‘Best Practices’ को करीब से देखेंगे, तो वे अपने क्षेत्रों में भी नवाचार और विविधीकरण ला सकेंगे। इससे न केवल पैक्स की आय बढ़ेगी, बल्कि किसानों को मिलने वाली सुविधाओं में भी गुणात्मक सुधार होगा।”

प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्य

इस पहल का उद्देश्य पैक्स नेतृत्व को निम्नलिखित क्षेत्रों में व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। कोष का बेहतर और पारदर्शी उपयोग, डिजिटल और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों को अपनाना,कृषि के अलावा अन्य आय सृजन के स्रोतों की पहचान और किसानों को त्वरित और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करना।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक (सहयोग समितियाँ) रजनीश कुमार सिंह और संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले से 25-25 प्रतिनिधियों के दल को अलग-अलग विकसित पैक्सों के अध्ययन के लिए भेजा जा रहा है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर

सरकार का मानना है कि इस पहल से सहकारिता के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। विकसित पैक्सों का अध्ययन करने से अन्य समितियों को व्यवसाय विस्तार की प्रेरणा मिलेगी, जो अंततः बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

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