Uttar Pradesh: सोमवार से शुरू हो रहे यूपी विधानसभा बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक, 11 फरवरी को पेश होगा 9 लाख करोड़ का बजट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र कल यानी सोमवार से शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत से पहले रविवार को विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ-साथ कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।बैठक में सदन के सुचारु संचालन, जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा और सभी दलों से सकारात्मक सहयोग की अपील की गई, ताकि बजट सत्र शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से संचालित हो सके।

11 फरवरी को पेश होगा 2026-27 का बजट

प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को विधानसभा में पेश करेगी। इस बार बजट का आकार करीब 9 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 8.08 लाख करोड़ रुपये के बजट से काफी बड़ा होगा।सरकार का फोकस इस बजट के जरिए प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर रहेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर रहेगा जोर

सूत्रों के मुताबिक, बजट में सड़क और पुल निर्माण,शहरी विकास,और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश का प्रावधान किया जा सकता है।इसके साथ ही प्रदेश में विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की भी संभावना जताई जा रही है।

युवाओं, किसानों और गरीबों पर विशेष ध्यान

बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन,किसानों की सहायता,और गरीब व जरूरतमंद वर्ग के लिए संचालित योजनाओं को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिए जाने की उम्मीद है।इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए भी पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए जाने की संभावना है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।

कानून-व्यवस्था और वित्तीय संतुलन पर नजर

प्रदेश सरकार बजट के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने,विकास के साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।

बजट सत्र को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल

बजट सत्र शुरू होने से पहले ही प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि विपक्ष सत्र के दौरान महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकता है।

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