आगर मालवा (बड़ौद): मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले का बड़ौद नगर सोमवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते दो समुदायों के बीच तनाव में बदल गया, जिसके बाद शहर में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा के लिहाज से बाजार बंद कर दिए गए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया और आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला।
विवाद की वजह: ‘घूरने’ को लेकर हुई मारपीट
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11 बजे बजरंग दल के प्रखंड संयोजक शंकर सिंह राजपूत एक कलेक्शन दुकान पर पहुंचे थे। वहां मौजूद विशेष वर्ग के एक युवक द्वारा कथित तौर पर घूरने को लेकर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि युवक और उसके साथियों ने शंकर सिंह राजपूत के साथ जमकर मारपीट कर दी। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें मारपीट की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं।
हिंदूवादी संगठनों का आक्रोश और ‘बुलडोजर’ की मांग
मारपीट की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने बड़ौद थाने का घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी,दोषियों का सार्वजनिक जुलूस निकाला जाए,अवैध निर्माण चिह्नित कर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। तनाव को देखते हुए सीएसपी मोतीलाल कुशवाह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान शहर में कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की खबरें भी आईं, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस की कार्रवाई: निकाला गया जुलूस
करीब तीन घंटे तक चले हंगामे और पुलिस-प्रशासन के साथ बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। शाम करीब 4 बजे, पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए पकड़े गए दो आरोपियों को भारी सुरक्षा के बीच बड़ौद थाने से बस स्टैंड तक पैदल ले जाकर जुलूस निकाला। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।
7 पर एफआईआर, 5 गिरफ्तार
सीएसपी मोतीलाल कुशवाह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने कुल 7 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि 2 अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
