कोडरमा/गया: कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र से एक सप्ताह से लापता 10 बिरहोर बच्चों को बिहार के गया जी से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। बच्चों के सकुशल मिलने की खबर से कोडरमा प्रशासन, पुलिस और परिजनों ने बड़ी राहत की सांस ली है। यह मामला जयनगर के बिरहोर टोला गडियाई से जुड़ा है, जहाँ से 31 जनवरी को ये बच्चे रहस्यमय ढंग से गायब हो गए थे।
गया के अलग-अलग इलाकों से हुई बरामदगी
जानकारी के अनुसार, इन बच्चों को 2 फरवरी को ही गया जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बरामद कर लिया गया था। स्थानीय पुलिस ने इन्हें चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया था। बच्चे अपनी मूल भाषा और संवाद की समस्या के कारण अपना घर और पता स्पष्ट नहीं बता पा रहे थे, जिससे उनकी पहचान में देरी हुई।3 बच्चे गया के परैया थाना क्षेत्र के सोलरा गांव से और 7 बच्चे मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बुढ़ी पैमार इलाके से मिले थे।
मीडिया की खबरों और चाइल्ड लाइन की मुस्तैदी से मिली सफलता
शनिवार को जब कोडरमा में बच्चों के लापता होने की खबर मीडिया में प्रमुखता से चली, तब गया चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक अमित पाठक ने जयनगर पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद कोडरमा पुलिस की एक विशेष टीम गया पहुँची और बच्चों की शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की।
परसाबाद भोज में गए थे बच्चे, वहीं से हुए थे लापता
31 जनवरी को बिरहोर टोला गडियाई के लोग अपने बच्चों के साथ एक भोज में शामिल होने परसाबाद गए थे। इसी दौरान ये 10 बच्चे अचानक लापता हो गए। लापता बच्चों की सूची में निशा कुमारी, रमेश बिरहोर, सजनी कुमारी, अनिषा कुमारी, सत्यम कुमार, मिथुन बिरहोर, रेखा बिरहोर, बिरजू बिरहोर, शिवानी बिरहोर और कल्पना बिरहोर शामिल हैं।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 1 लाख का इनाम और विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोडरमा एसपी अनुदीप सिंह ने प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की थी। प्रशासन ने बच्चों का सुराग देने वाले को एक लाख रुपये इनाम देने की भी घोषणा की थी।
अन्नपूर्णा देवी ने जताई खुशी
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार पुलिस के संपर्क में थीं। बच्चों के मिलने पर उन्होंने इसे सुखद बताया और पुलिस व प्रशासन की तत्परता की सराहना की।
