रांची: झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने संयुक्त रूप से राज्य के चिकित्सा ढांचे को बदलने वाली तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें कैंसर के लिए अलग बजट से लेकर एशिया के सबसे बड़े अस्पताल के निर्माण तक की योजना शामिल है।
रिम्स-2: एशिया का सबसे बड़ा सुपर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की कि रांची में रिम्स-2 का निर्माण किया जाएगा।इसे एशिया का सबसे बड़ा सुपर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा।सरकार का लक्ष्य अगले एक से डेढ़ साल के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा करने का है। यहाँ कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, किडनी और लीवर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज आधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया जाएगा।
देश का पहला ‘कैंसर कंट्रोल बजट’
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में झारखंड संभवतः देश का पहला ऐसा राज्य होगा जो ‘कैंसर कंट्रोल बजट’ का अलग से प्रावधान करेगा। वर्तमान स्वास्थ्य बजट जो 5500 करोड़ रुपये है, उसमें भारी बढ़ोतरी की जाएगी।यह विशेष फंड कैंसर की जांच, अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद और सस्ती दवाओं के लिए उपयोग होगा।
सदर अस्पतालों में हाई-टेक सुविधाएं
सरकार ने राज्य के सभी सदर अस्पतालों को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है।कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के असर को जानने के लिए एक साल के भीतर सभी सदर अस्पतालों में PET-CT स्कैन मशीन उपलब्ध होगी।महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की समय रहते जांच के लिए पैप स्मीयर मशीनों की स्थापना की जाएगी।
मरीजों को बड़ी राहत: ₹25 लाख तक का इलाज पैकेज
डॉ. इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ गिनाते हुए कहा कि सरकार कैंसर मरीजों को 25 लाख रुपये तक का इलाज पैकेज दे रही है।जरूरतमंद मरीजों को कीमोथेरेपी की दवाएं बिल्कुल मुफ्त दी जाएंगी।तंबाकू उत्पादों पर कड़ाई और कैंसर की दवाओं को सस्ता करने के लिए केंद्र सरकार से समन्वय किया जा रहा है।
