Jharkhand: बिरसा मुंडा बस स्टैंड में भीषण आगजनी, धू-धू कर जलीं 6 बसें

रांची: राजधानी रांची के सबसे व्यस्त बिरसा मुंडा बस स्टैंड (खादगढ़ा) में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां खड़ी बसों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक-एक कर 6 बसें जलकर राख हो गई। इस घटना के बाद बस स्टैंड परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

देर से पहुंची फायर ब्रिगेड, बस मालिकों में भारी आक्रोश

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के तुरंत बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई थी। लेकिन आरोप है कि जब तक अग्निशामक वाहन मौके पर पहुंचे, तब तक छह बसें पूरी तरह जल चुकी थीं। दमकल की लेटलतीफी को लेकर बस ओनर्स एसोसिएशन ने कड़ी नाराजगी जताई है।

“एक सोची-समझी साजिश है यह आग”

बस ओनर्स एसोसिएशन के चंचल चटर्जी ने इस घटना को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार किया है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा बसों में आग एक सोची-समझी साजिश के तहत लगाई गई है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बस मालिक स्टैंड टैक्स से लेकर रोड टैक्स तक समय पर जमा करते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर यहाँ कुछ भी नहीं है। लंबे समय से बस स्टैंड में स्थायी अग्निशामक वाहन की तैनाती की मांग की जा रही है, जिसे प्रशासन लगातार अनदेखा कर रहा है।

झारखंड बंद करने की चेतावनी

प्रशासनिक उदासीनता से नाराज चंचल चटर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि बस मालिकों की सुरक्षा और मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे पूरे झारखंड को बंद करने का ऐलान करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार नियम तो कड़े बनाती है, लेकिन सुरक्षा के मामले में अधिकारी आंखें मूंद लेते हैं।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

स्थानीय लोगों और बस कर्मियों ने बताया कि खादगढ़ा बस स्टैंड में आगजनी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहाँ एक साथ 10 बसें जलकर राख हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। यहाँ हर दिन सैकड़ों बसें खड़ी रहती हैं और हजारों यात्रियों का आना-जाना होता है, ऐसे में अग्निशमन व्यवस्था का न होना बड़ी लापरवाही है।

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