बहरागोड़ा/रांची: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने जनभागीदारी के जरिए बजट निर्माण की दिशा में एक बड़ी मिसाल पेश की है। ‘अबुआ दिशोम बजट 2026-27’ के अंतर्गत आम जनता से मांगे गए सुझावों में बहरागोड़ा के जस्टिस डायनामिक सोसाइटी के अध्यक्ष सह अधिवक्ता ज्योतिर्मय दास के सुझावों को सर्वश्रेष्ठ चुना गया है। उनके उत्कृष्ट और बहुआयामी जनहितकारी योगदान के लिए उन्हें राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
झारखंड मंत्रालय में कल होगा भव्य समारोह
अधिवक्ता ज्योतिर्मय दास को सम्मानित करने के लिए आगामी 29 जनवरी 2026 को झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन), रांची में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया है। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की मौजूदगी में उन्हें उनकी इस बौद्धिक और सामाजिक सक्रियता के लिए सराहा जाएगा।
12 विभागों के लिए दिए जमीनी सुझाव
ज्योतिर्मय दास ने राज्य के विकास को गति देने के लिए कुल 12 महत्वपूर्ण बजट सुझाव प्रस्तुत किए थे। ये सुझाव केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में उनके कार्य के प्रत्यक्ष अनुभव पर आधारित हैं। उनके सुझाव मुख्य रूप से किसानों की आय वृद्धि और सिंचाई के आधुनिक साधन,गांवों में बुनियादी सुविधाओं और बिजली की उपलब्धता, संवैधानिक अधिकारों और जल-जंगल-जमीन का संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और महिला सुरक्षा, स्थानीय रोजगार सृजन और राज्य के पर्यटन स्थलों का विकास और समाज के अंतिम व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच।
क्यों चुने गए ज्योतिर्मय दास के सुझाव?
राज्य सरकार के अनुसार, अधिवक्ता दास द्वारा दिए गए सुझाव ‘व्यावहारिक, जमीनी और जनोपयोगी’ पाए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन सुझावों को बजट में शामिल करने से राज्य की योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और इनका सीधा लाभ गरीब एवं वंचित वर्गों को मिलेगा।
जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण
यह सम्मान न केवल ज्योतिर्मय दास की सामाजिक और विधिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि यदि आम जनता और प्रबुद्ध वर्ग सरकार के साथ मिलकर काम करे, तो ‘लोकतांत्रिक बजट’ का सपना साकार हो सकता है। बहरागोड़ा क्षेत्र में इस खबर के बाद खुशी की लहर है और स्थानीय लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताया है।
