मशहूर प्लेबैक सिंगर अरिजीत सिंह के संन्यास की खबरों ने संगीत जगत और उनके प्रशंसकों के बीच हलचल मचा दी है। अपनी मखमली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अरिजीत ने स्पष्ट किया है कि वे अब फिल्मों के लिए ‘प्लेबैक सिंगिंग’ से दूरी बना रहे हैं।
Arijit Singh Retirement:
भारतीय संगीत जगत से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों को झकझोर कर रख दिया है। अपनी मखमली आवाज से हर टूटते दिल का सहारा बनने वाले और खुशियों में चार चांद लगाने वाले अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का संकेत देकर सबको चौंका दिया है।सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक बस एक ही चर्चा है कि क्या वाकई अब अरिजीत की आवाज फिल्मों में सुनाई नहीं देगी?

एक युग का अंत या नई शुरुआत?
अरिजीत सिंह सिर्फ एक गायक नहीं, बल्कि एक इमोशन हैं। ‘तुम ही हो’ से रातों-रात स्टार बने इस कलाकार ने पिछले एक दशक से बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री पर एकछत्र राज किया है। उनके संन्यास की खबरों ने इंडस्ट्री में एक ऐसा शून्य पैदा कर दिया है जिसे भरना नामुमकिन नजर आता है।इंटरव्यूज की मानें तो अरिजीत अब अपनी जिंदगी के उस पड़ाव पर हैं जहां वे लाइमलाइट से दूर रहकर अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं। वे संगीत के साथ प्रयोग करना चाहते हैं, लेकिन शायद फिल्मी चकाचौंध के बीच नहीं।
क्यों खास हैं अरिजीत सिंह?
अरिजीत की सादगी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। जहां अन्य सितारे ग्लैमर के पीछे भागते हैं, अरिजीत को अक्सर साधारण कपड़ों और चप्पल में अपनी धुन में मगन देखा गया है। उनकी आवाज में वो ‘दर्द’ और ‘रूहानियत’ है जो सीधे सुनने वाले के दिल में उतर जाती है।
चाहे वो ‘चन्ना मेरेया’ जैसा दर्द भरा गाना हो या ‘घुंघरू’ जैसा पार्टी एंथम, अरिजीत ने हर शैली में खुद को साबित किया। उन्होंने युवाओं को प्यार करना और टूटे दिल को संभालना सिखाया।संन्यास की खबरों के पीछे एक बड़ा कारण उनकी अपनी शांति और संगीत की शुद्धता की तलाश बताई जा रही है।
फैंस का टूटा दिल सोशल मीडिया पर गम का सैलाब
जैसे ही संन्यास की खबरें इंस्टाग्राम वायरल हुईं इसपर फैंस की भावुक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। ‘अरिजीत के बिना बॉलीवुड संगीत वैसा नहीं रहेगा। वे हमारी पीढ़ी की आवाज हैं।’ एक फैन की पोस्ट।कई फैंस इसे एक ‘म्यूजिकल ब्लैकआउट’ कह रहे हैं। लोगों का मानना है कि अरिजीत अभी अपनी गायकी के शिखर पर हैं, ऐसे में उनका यह फैसला समझ से परे है।