Jharkhand: ऑपरेशन मेघाबुरु’ की ऐतिहासिक सफलता पर चाईबासा पहुंचीं डीजीपी तदाशा मिश्र, 17 नक्सलियों को ढेर करने वाले जांबाज जवान हुए सम्मानित

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के दुर्गम सारंडा जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन मेघाबुरु’ ने देश भर के सुरक्षा तंत्र के सामने सफलता की नई मिसाल पेश की है। शनिवार को झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्र चाईबासा पहुंचीं, जहां उन्होंने इस साहसिक अभियान की समीक्षा की और इसमें शामिल जांबाज जवानों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।

तकनीकी और समन्वय का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण

डीजीपी तदाशा मिश्र ने पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर ऑपरेशन के हर पहलू की समीक्षा की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “ऑपरेशन मेघाबुरु एक ऐतिहासिक मिशन रहा है। यह आधुनिक तकनीक, सुरक्षा बलों के अटूट समन्वय और सटीक प्लानिंग का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।उन्होंने बचे हुए नक्सलियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा”हिंसा का रास्ता केवल विनाश की ओर ले जाता है। मुख्यधारा में लौटें, सरकार की नीतियों का लाभ उठाएं और विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनें।

17 शव बरामद, सभी कुख्यात नक्सलियों की हुई पहचान

सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने अभियान की सफलता के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि मुठभेड़ स्थल से अब तक 17 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मारे गए सभी नक्सलियों की पहचान सुनिश्चित हो चुकी है और वे सभी कुख्यात अपराधों में शामिल थे।

भारी मात्रा में घातक हथियार बरामद

आईजी ने जानकारी दी कि सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक 14 घातक आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अभियान पूरे देश के लिए एक ‘मॉडल’ बन गया है, जहां अलग-अलग पुलिस बलों ने बिना किसी आपसी चूक के बेहतरीन तालमेल दिखाया।

जवानों का सम्मान और बढ़ता मनोबल

चाईबासा में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान डीजीपी ने ऑपरेशन में सीधे तौर पर शामिल जवानों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस सम्मान से जवानों में भारी उत्साह देखा गया। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रहार से सारंडा क्षेत्र में सक्रिय नक्सली संगठनों की कमर पूरी तरह टूट गई है।

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