जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर के ‘उद्योग एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध कार्यालय’ के तत्वावधान में शनिवार को वार्षिक एलुमनाई मीट 2026 का सफल आयोजन किया गया। संस्थान के टीएसजी परिसर में आयोजित इस मिलन समारोह में देश-विदेश के विभिन्न कोनों से आए पूर्व छात्रों, संकाय सदस्यों और वर्तमान विद्यार्थियों का संगम देखने को मिला।
उद्योग जगत की दिग्गज हस्तियों ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेल के पूर्व कार्यकारी निदेशक कौशल किशोर सिंह उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में लिंककोज़ लिमिटेड के सीईओ डॉ. अनुराग सक्सेना और लार्सन एंड टुब्रो के परामर्शदाता भगवत सिंह ने शिरकत की।अतिथियों ने नेतृत्व, उद्यमिता और उद्योग-अकादमिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने युवा इंजीनियरों को बदलते वैश्विक परिदृश्य में नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधार ने साझा किया विजन 2030
संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधार ने एनआईटी जमशेदपुर के भविष्य का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि संस्थान अब केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग की जरूरतों के अनुरूप नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। ‘केंद्रीय अनुसंधान सुविधा’ की स्थापना की गई है ताकि शोध को बढ़ावा मिले। भविष्य में 1000 सीटों वाला ऑडिटोरियम, आधुनिक छात्र गतिविधि केंद्र , डेडिकेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम और नए संकाय आवास बनाए जाएंगे।
विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कारों से नवाजी गई प्रतिभाएं
संस्थान ने अपने उन पूर्व छात्रों को सम्मानित किया जिन्होंने पेशेवर जगत में झंडे गाड़े हैं जिसमे डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवार्ड इसरो के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक के.वी.ए. चक्रवर्ती, ईसीआईएल के सीएमडी अनुराग कुमार और प्रतिष्ठित उद्योगपति दीपक डोकानिया को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया।यंग अचीवर अवार्ड एमएसएमई क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए हिमालय एंटरप्राइजेज के राजीव शुक्ला को सम्मानित किया गया।
नई एलुमनाई एसोसिएशन बॉडी का गठन
इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर एलुमनाई एसोसिएशन के नवनिर्वाचित शासी निकाय की घोषणा की गई। यह नई टीम एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार करने, छात्रों को मेंटरशिप देने और उद्योग संपर्कों को मजबूत करने में संस्थान का सहयोग करेगी।
पीढ़ियों के बीच सेतु बना यह आयोजन
उद्योग एवं पूर्व छात्र संबंध अधिष्ठाता प्रो. के. बी. यादव और सह-अधिष्ठाता डॉ. राम कृष्ण ने कहा कि यह मीट केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि विभिन्न पीढ़ियों के बीच एक मजबूत सेतु है। इससे छात्रों को एक स्थायी नेटवर्क मिलता है, जो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित होता है।
