जमशेदपुर: गोविंदपुर थाना क्षेत्र के हाउसिंग कॉलोनी निवासी और टाटा मोटर्स कर्मी चित्तरंजन स्वाई साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। शातिर अपराधियों ने बैंक ऐप अपडेट करने के नाम पर उनके खाते से 1 लाख 55 हजार रुपये उड़ा लिए। इस संबंध में पीड़ित ने बिष्टुपुर स्थित साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है।
व्हाट्सएप लिंक का बिछाया जाल
पीड़ित चित्तरंजन स्वाई के अनुसार, बुधवार की रात उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। मैसेज में चेतावनी दी गई थी कि उनका ‘बैंक ऐप’ आउटडेटेड हो गया है और यदि इसे तुरंत अपडेट नहीं किया गया, तो उनकी बैंकिंग सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। डर और जल्दबाजी में चित्तरंजन ने मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया।
फर्जी ऐप और ‘फेक’ बैंक कर्मचारी का खेल
लिंक पर क्लिक करते ही एक कथित बैंक ऐप डाउनलोड हुआ, लेकिन वह काम नहीं कर रहा था। इसी बीच उनके पास एक कॉल आया।फोन करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और ऐप अपडेट करने में मदद की पेशकश की।बातों में उलझाकर जालसाज ने चित्तरंजन से उनका खाता संख्या, एटीएम कार्ड नंबर और सीवीवी जैसी संवेदनशील जानकारियां हासिल कर लीं।
सुबह खुला राज, उड़े होश
गुरुवार सुबह जब चित्तरंजन ने अपना मोबाइल चेक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके खाते से किस्तों में कुल 1.55 लाख रुपये की निकासी हो चुकी थी। ठगी का एहसास होते ही उन्होंने तुरंत बैंक को सूचित कर अपना खाता फ्रीज कराया और साइबर पुलिस की शरण ली।
साइबर पुलिस की जांच शुरू
साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। ट्रांजेक्शन हिस्ट्री के जरिए अपराधियों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है।
