Jharkhand: प्रशासन की सख्ती से साकची बाजार की बदली सूरत,अतिक्रमण हटा तो बाजार में दौड़ने लगीं कारें

जमशेदपुर: साकची बाजार, जहाँ पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं था, वहां अब कारें आसानी से आवाजाही कर रही हैं। जिला प्रशासन और पुलिस की लगातार दूसरे दिन की सख्ती के बाद शुक्रवार को बाजार के भीतर की सड़कें पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नजर आईं। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के कड़े रुख के बाद जमशेदपुर अक्षेस और साकची थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला हुआ है।
अतिक्रमणकारी हुए ‘अंडरग्राउंड’, सड़कें हुईं चौड़ी
शुक्रवार को साकची बाजार में एक दुर्लभ दृश्य देखने को मिला। बाजार के मुख्य मार्गों और गलियों में सड़क घेरकर लगने वाली दुकानें नदारद रहीं। जिला प्रशासन के सख्त आदेश और साकची थाना प्रभारी की सक्रियता के कारण फुटपाथी दुकानदार सड़कों से पीछे हट गए हैं। सड़कों से अस्थायी दुकानें हटने का सबसे बड़ा असर यातायात पर पड़ा है। जिस बाजार में दोपहिया वाहन ले जाना दूभर था, वहां शुक्रवार को कई कारें आसानी से गुजरती दिखीं। स्थानीय लोगों के लिए यह किसी ‘सुखद आश्चर्य’ से कम नहीं था।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की सख्ती का असर
साकची बाजार में जाम की समस्या लंबे समय से प्रशासन के लिए सिरदर्द बनी हुई थी। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बाजार के भीतर किसी भी प्रकार का सड़क अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी का परिणाम है कि अब जमशेदपुर अक्षेस की टीम और पुलिस बल रोजाना बाजार की निगरानी कर रहे हैं।
दुकानदारों में हड़कंप, आम जनता को राहत
प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां अवैध रूप से सड़क कब्जाने वाले दुकानदारों में हड़कंप है, वहीं खरीदारी करने आने वाले आम लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन इसी तरह की सख्ती बरकरार रखे, तो साकची बाजार में खरीदारी का अनुभव काफी बेहतर हो सकता है।
क्या यह बदलाव स्थायी होगा?
बाजार क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का मानना है कि अक्सर प्रशासन अभियान चलाकर शांत बैठ जाता है और अतिक्रमणकारी वापस लौट आते हैं। हालांकि, इस बार उपायुक्त के तेवर और लगातार दूसरे दिन की मुस्तैदी को देखते हुए उम्मीद जगी है कि साकची बाजार को स्थायी रूप से जाम मुक्त बनाया जा सकेगा।



