जमशेदपुर। शहर के बिष्टुपुर क्षेत्र से लापता उद्यमी पुत्र कैरव गांधी के मामले को 11 दिन बीत जाने के बाद भी जब पुलिस कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी है, तो यह मामला अब पूरी तरह से सियासी तूल पकड़ चुका है। शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास एवं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस आवास पहुंचे और लापता कैरव गांधी के परिजनों से मुलाकात की।परिजनों से मिलकर भाजपा नेताओं ने घटना की पूरी जानकारी ली और उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
“झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त” : आदित्य साहू
परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है।उन्होंने कहा,राज्य में आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। राजधानी से लेकर औद्योगिक शहर जमशेदपुर तक अपराध बेलगाम हो चुके हैं। एक प्रतिष्ठित उद्यमी के बेटे का दिनदहाड़े अपहरण हो जाना और 11 दिन बाद भी कोई ठोस सुराग न मिलना सरकार की विफलता को दर्शाता है।आदित्य साहू ने बताया कि वे 27 जनवरी को राज्य के डीजीपी से मुलाकात कर इस मामले में त्वरित, सख्त और प्रभावी कार्रवाई की मांग करेंगे, ताकि युवक को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जा सके।
रघुवर दास ने की सीबीआई जांच की मांग
इस मौके पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय स्तर पर जांच के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है, तो निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना जरूरी हो गया है।
रघुवर दास ने कहा, “परिवार 11 दिनों से अपने बेटे की सलामती को लेकर भय और अनिश्चितता में जी रहा है। राज्य सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। ऐसे में सीबीआई जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिला सकती है।”
भाजपा ने सरकार पर दबाव बनाने का किया ऐलान
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा है। पार्टी इस विषय को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाएगी और जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा।
परिजनों की बढ़ती चिंता
इधर, कैरव गांधी की सुरक्षित बरामदगी को लेकर परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। हर बीतता दिन परिवार के लिए और अधिक पीड़ादायक साबित हो रहा है। परिजन लगातार प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि युवक को जल्द से जल्द सकुशल वापस लाया जाए।
