प्रयागराज: माघ मेला 2026 के आगामी महत्वपूर्ण स्नान पर्वों—बसंत पंचमी और अचला सप्तमी—को देखते हुए मेला प्रशासन ने सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए विस्तृत ‘ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान’ लागू कर दिया है। 23 जनवरी से 25 जनवरी के बीच भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए 22 जनवरी की रात 8 बजे से ही संपूर्ण मेला क्षेत्र में बाहरी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
केवल इमरजेंसी वाहनों को छूट
एसपी मेला नीरज पांडेय के अनुसार, मेला क्षेत्र में केवल एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। संगम नोज पर किसी भी प्रकार की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। श्रद्धालुओं को अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़े कर पैदल ही घाटों तक जाना होगा।
क्षेत्रवार पार्किंग और आवागमन मार्ग:
- परेड क्षेत्र (प्रयागराज शहर की ओर से आने वाले)
प्लॉट नंबर 17 पार्किंग: यहाँ वाहन खड़ा कर श्रद्धालु काली मार्ग और अपर संगम मार्ग होते हुए संगम, हनुमान मंदिर व रामघाट पहुँच सकेंगे।
गल्ला मंडी पार्किंग: यहाँ से श्रद्धालु काली मार्ग और किलाघाट होते हुए काली उत्तरी, मोरी, शिवाला और दशाश्वमेध घाट जा सकेंगे।
नागवासुकि पार्किंग: यहाँ से रिवर फ्रंट मार्ग का उपयोग कर घाटों तक पहुँचा जा सकेगा।
- झुंसी क्षेत्र (वाराणसी/हनुमानगंज की ओर से आने वाले)
ओल्ड जीटी कछार पार्किंग: यहाँ से पीपा पुल संख्या 4 व 5 के बीच बने घाटों तक रास्ता जाएगा।
टीकरमाफी-महुआबाग पार्किंग: जीटी रोड और त्रिवेणी मार्ग होकर पीपा पुल संख्या 2 व 3 के बीच बने घाटों तक आवागमन होगा।
सोहम आश्रम पार्किंग: यहाँ से सीधे रिवर फ्रंट झुंसी मार्ग पहुँचा जा सकता है।
- अरैल क्षेत्र (नैनी/मिर्जापुर की ओर से आने वाले)
देवरख कछार पार्किंग: सोमेश्वर महादेव रैंप होकर सोमेश्वर घाट तक का मार्ग।
गजिया एवं नवप्रयागम पार्किंग: अरैल घाट, औल घाट और चक्रमाधव घाट तक पहुँचने के लिए अरैल बांध रोड का उपयोग होगा।
पीपा पुलों पर ‘वन-वे’ (एकल मार्ग) व्यवस्था
भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए पीपा पुलों पर विशेष व्यवस्था की गई है:
जाने के लिए (परेड से झुंसी): पीपा पुल संख्या 3, 5 और 7 का प्रयोग करें।
लौटने के लिए (झुंसी से परेड): पीपा पुल संख्या 4 और 6 का प्रयोग करें।
रिजर्व पुल: पुल संख्या 1 और 2 को केवल आपातकालीन स्थितियों के लिए आरक्षित रखा गया है।
प्रशासन की अपील
मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए सरकारी निर्देशों और साइन बोर्ड्स का पालन करें। सभी घाटों पर जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती की गई है। साथ ही, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘खोया-पाया’ केंद्रों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
