Uttar Pradesh:राजा भैया विवाद मामले मे सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश,दिल्ली हाईकोर्ट को 4 महीने में भानवी सिंह की शिकायत पर फैसला लेने का निर्देश

नई दिल्ली/प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश की सियासत के दिग्गज नेता और कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच जारी घरेलू हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश जारी किया है। देश की शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट को इस मामले की सुनवाई तेज करने और अगले चार महीनों के भीतर अपना अंतिम फैसला सुनाने का निर्देश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

राजा भैया और भानवी सिंह के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा है। भानवी सिंह ने राजा भैया के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर एक निचली अदालत ने राजा भैया के खिलाफ समन (बुलावा) जारी किया था।

हाईकोर्ट की रोक और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

निचली अदालत द्वारा जारी किए गए समन को राजा भैया ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। साल 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस समन की तामील पर रोक लगा दी थी, जिससे मामला अधर में लटका हुआ था। इसी ‘स्टे’ (रोक) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली हाईकोर्ट को इस मामले (समन पर रोक के मुद्दे) पर चार महीने के भीतर निर्णय लेना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले के तथ्यों या उसकी ‘मेरिट’ पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत का पूरा जोर प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर रहा। इस आदेश के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट को इस हाई-प्रोफाइल मामले की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करनी होगी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

राजा भैया यूपी की राजनीति के बड़े चेहरे हैं और अपनी बेबाक छवि के लिए जाने जाते हैं। पत्नी के साथ चल रहे इस पारिवारिक और कानूनी विवाद ने उनकी निजी जिंदगी को सुर्खियों में ला दिया है। भानवी सिंह ने पहले भी राजा भैया और उनके करीबियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसे राजा भैया के वकीलों ने सिरे से खारिज किया है।

अब आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद अब सबकी नजरें दिल्ली हाईकोर्ट पर टिकी हैं। यदि चार महीने के भीतर हाईकोर्ट समन पर लगी रोक को हटा देता है, तो राजा भैया को निचली अदालत में पेश होना पड़ सकता है और घरेलू हिंसा के मामले में ट्रायल (मुकदमा) आगे बढ़ेगा।

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