वाराणसी/दिल्ली: धार्मिक नगरी वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर छिड़ा विवाद अब गहराता जा रहा है। भ्रामक जानकारी फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में उत्तर प्रदेश पुलिस ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेत्री जसविंदर कौर समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
क्या है पूरा मामला और पुलिस की कार्रवाई?
शनिवार देर शाम वाराणसी पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई अपर नगर आयुक्त संगम लाल और तमिलनाडु निवासी एक श्रद्धालु मानो की तहरीर पर की। इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एआई जेनरेटेड वीडियो और भ्रामक पोस्ट साझा किए।पुलिस के अनुसार, देवी-देवताओं और घाट से जुड़ी भ्रामक जानकारी फैलाकर समाज में आक्रोश पैदा करने और धार्मिक आस्था को चोट पहुँचाने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काशी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोधियों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि एआई वीडियो के जरिए काशी की विरासत को बदनाम करने और भ्रम फैलाने की साजिश रची गई है।
संजय सिंह का तीखा पलटवार: “अहिल्याबाई की प्रतिमा तोड़ी गई”
केस दर्ज होने के बाद आप सांसद संजय सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर सीधा हमला बोला। उन्होंने लिखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र में मणिकर्णिका घाट को तहस-नहस किया गया, मंदिरों को तोड़ा गया। काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराने वाली माता अहिल्याबाई होलकर जी की प्रतिमा भी तोड़ी गई। इसका विरोध काशी के साधुओं और माता के परिवार ने भी किया। यहां तक कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी आपत्ति जताई, मगर FIR मुझ पर कर दी गई। मंदिरों को तोड़ने वाले पापियों पर कार्रवाई करो, मुझे डराने की कोशिश मत करो।
सुमित्रा महाजन और साधुओं के विरोध का दिया हवाला
संजय सिंह ने अपने बचाव में उन आवाजों का जिक्र किया जिन्होंने सुंदरीकरण के नाम पर हो रही तोड़फोड़ पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया कि वे केवल काशी की प्राचीनता और मर्यादा को बचाने की आवाज उठा रहे हैं। बता दें कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान कुछ प्राचीन ढांचों को हटाए जाने पर स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और कुछ हिंदू संगठनों ने भी चिंता जताई थी।
कौन-कौन हैं नामजद?
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में संजय सिंह और पप्पू यादव के अलावा, हरियाणा की कांग्रेस नेत्री जसविंदर कौर और पांच अन्य सोशल मीडिया हैंडल चलाने वाले लोग शामिल हैं। इन पर सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट और समाज में वैमनस्य फैलाने से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
