जमशेदपुर: स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में जमशेदपुर सदर अस्पताल ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल परिसर में नवनिर्मित ‘फैब्रिकेटेड वार्ड’ को आधिकारिक रूप से मरीजों के लिए खोल दिया गया है। शुक्रवार को संचालन के पहले ही दिन दोपहर 2 बजे तक तीन मरीजों को इमरजेंसी से इस नए वार्ड में शिफ्ट किया गया।
पहले दिन की गतिविधि: इमरजेंसी से शिफ्ट हुए मरीज
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, पहले दिन जिन मरीजों को फैब्रिकेटेड वार्ड में भर्ती किया गया है, उनमें एक महिला और दो पुरुष शामिल हैं। इन मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर निगरानी के लिए इमरजेंसी वार्ड से यहाँ स्थानांतरित किया गया। इस नए वार्ड के शुरू होने से मुख्य अस्पताल भवन के वार्डों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
वार्ड खाली होने से खुलेंगे आधुनिक जांच के रास्ते
सदर अस्पताल में फैब्रिकेटेड वार्ड शुरू करने के पीछे स्वास्थ्य विभाग की एक दूरगामी रणनीति है।मरीजों को फैब्रिकेटेड वार्ड में शिफ्ट करने से मुख्य अस्पताल भवन के वार्डों में पर्याप्त जगह खाली होगी।सिविल सर्जन ने संकेत दिया है कि वार्डों में जगह उपलब्ध होने पर वहां कई नए और आधुनिक जांच यंत्र लगाए जाएंगे। इससे मरीजों को जटिल जांचों के लिए निजी केंद्रों या बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
क्या है फैब्रिकेटेड वार्ड की खासियत?
यह वार्ड अत्याधुनिक ‘प्री-फैब्रिकेटेड’ तकनीक से तैयार किया गया है, जो कम समय में निर्मित और पूरी तरह सुरक्षित है। इसमें मरीजों के लिए बेड, ऑक्सीजन पॉइंट और अन्य बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इसे मुख्य रूप से अस्पताल की क्षमता बढ़ाने और इमरजेंसी बेड की कमी को दूर करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
सिविल सर्जन का विजन
स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि सदर अस्पताल को जल्द ही और अधिक ‘पेशेंट फ्रेंडली’ बनाया जाएगा। वार्डों के पुनर्गठन और नई मशीनों के आने से जमशेदपुर की एक बड़ी आबादी को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाला इलाज घर के पास ही मिल सकेगा।
