सीवान: बिहार के सीवान जिले के भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र अंतर्गत खोड़ीपाकड़ गांव में शुक्रवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई कथित मुठभेड़ के दौरान घर के दरवाजे पर खड़ी दो सगी बहनों को गोली लग गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, खोड़ीपाकड़ गांव के पास सड़क किनारे एक ट्रक खड़ा था। शुक्रवार तड़के करीब दो बजे कुछ संदिग्ध लोग ट्रक का पहिया खोलते (चोरी करते) देखे गए। परिवार के सदस्यों ने इसकी सूचना पास के दुकानदार को दी, जिसने पुलिस को मामले की जानकारी दी।परिजनों का आरोप है कि जैसे ही पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुँची, अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। इसी दौरान वकील पंडित की दो बेटियां 18 वर्षीय अंजू कुमारी और नीतू कुमारी जो शोर सुनकर घर के दरवाजे पर आई थीं, गोली लगने से लहूलुहान होकर गिर पड़ीं।
अस्पताल में चल रहा इलाज
गोली लगने के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दोनों बहनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उन्हें सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों युवतियों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।
ग्रामीणों के आरोप बनाम पुलिस का दावा
इस मामले में पुलिस और स्थानीय लोगों के बयानों में बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस के पहुँचते ही चोर मौके से भाग निकले थे। ऐसे में पुलिस द्वारा फायरिंग करने का कोई औचित्य नहीं था। घटनास्थल से गोली के कई खोखे भी बरामद हुए हैं। परिजनों का सीधा आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण उनकी बेटियों को गोली लगी है। भगवानपुर हाट थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को देखते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि लड़कियों को लगी गोली पुलिस की रायफल से निकली थी या अपराधियों के हथियार से।
जांच में जुटी टीम
घटना के बाद गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। जिला प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। फॉरेंसिक टीम और वरीय अधिकारी घटनास्थल का मुआयना कर रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि फायरिंग किस ओर से हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
