Jharkhand: गम्हरिया के घोड़ाबाबा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 2 लाख श्रद्धालुओं ने टेका मत्था

गम्हरिया: कोल्हान क्षेत्र के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल घोड़ाबाबा मंदिर में गुरुवार को आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कुंभकार समिति द्वारा आयोजित इस वार्षिक पूजनोत्सव में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बलराम और ग्राम देवता घोड़ाबाबा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मकर, टुसू और आखान यात्रा के शुभ अवसर पर आयोजित इस उत्सव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।

धार्मिक धरोहर के रूप में विकसित हो रहा देवस्थल: चंपाई सोरेन

समारोह में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने शिरकत की। मंदिर में मत्था टेकने के बाद उन्होंने कहा मेरे कार्यकाल के दौरान इस प्राचीन देवस्थल को धार्मिक धरोहर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया गया है। घोड़ाबाबा पूजनोत्सव कोल्हान की सामाजिक सौहार्द की मिसाल है। ग्राम देवता होने के नाते इनकी पूजा का विशेष महत्व है और इनकी कृपा से भक्तों की हर मन्नत पूरी होती है।पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति और आखान यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

नए संकल्प के साथ नए साल का आगाज: सांसद

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि आज का दिन विशेष रूप से शुभ है। हम भगवान बलराम (बलदेव दाऊ जी) और घोड़ाबाबा की पूजा के साथ नए साल का संकल्प लेकर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने आयोजन की भव्यता की सराहना की और भक्तों के साथ महाभोग भी ग्रहण किया।

टाटा-कांड्रा मार्ग पर रहा अफरा-तफरी का माहौल

श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण टाटा-कांड्रा मुख्य मार्ग पर दिन भर जाम और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।इस वर्ष पूजा के दौरान बड़े वाहनों का परिचालन नहीं रोका गया, जिससे पैदल चल रहे श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।आदित्यपुर थाना पुलिस और समिति के वॉलेंटियर्स ने मोर्चा संभाले रखा। हालांकि सर्विस रोड पर सजी दुकानों के कारण पैदल आवाजाही में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

समिति का कड़ा अनुशासन

कुंभकार समिति की ओर से इस बार मंदिर परिसर के अंदर एक भी दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिससे मंदिर प्रांगण साफ-सुथरा और व्यवस्थित रहा। सभी दुकानें मंदिर के बाहर सर्विस रोड पर लगाई गई थीं। पारंपरिक विधि-विधान से पूजा संपन्न होने के बाद हजारों लोगों ने समिति द्वारा आयोजित महाभोग ग्रहण किया।

आयोजन में इनकी रही मुख्य भूमिका

पूजनोत्सव को सफल बनाने में कुंभकार समाज के अध्यक्ष पूर्ण चंद्र बेज, उपाध्यक्ष संजय दास, बादल पाल, अजीत दास, कृष्णा दास समेत समाज के अन्य वरिष्ठ सदस्यों और युवाओं ने दिन-रात एक कर दिया।

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