Jharkhand: झारखंड में ‘बंगाल’ जैसा संग्राम! रांची ED दफ्तर पहुँची पुलिस, तो भड़के निशिकांत दुबे, बोले- “हेमंत जी, भ्रष्टाचार की सजा जरूर मिलेगी”

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय में पुलिस की उपस्थिति को लेकर एक नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य प्रशासन पर हमला बोला है। उन्होंने राज्य की स्थिति की तुलना पश्चिम बंगाल से करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

“पुलिस कार्रवाई की आड़ में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका”

सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सूचना के अनुसार रांची पुलिस ने ईडी कार्यालय को घेर लिया है। उन्होंने आशंका जताई कि यह कार्रवाई ममता बनर्जी की तर्ज पर की जा रही है। दुबे ने अपने पोस्ट में लिखा “ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। आशंका है कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में इन अहम साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है तथा ईमानदार अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा सकता है।”

“झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे”

निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि जांच एजेंसियों के निष्पक्ष कार्य में बाधा डालने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में पहले भी केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और कार्यकर्ताओं द्वारा हमले की कोशिशें की गई हैं।सांसद ने अपने पोस्ट के अंत में कड़े लहजे में कहा “हेमंत जी, कान खोलकर सुन लीजिए… झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे। आपको भ्रष्टाचार की सजा जरूर मिलेगी। झारखंड में मौजूद अवैध प्रशासन को नेस्तनाबूद करने का वक्त आ गया है।”

सियासी गलियारों में हड़कंप

सांसद के इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में हड़कंप मच गया है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों के दबाव में है और खुद को बचाने के लिए पुलिस बल का सहारा ले रही है। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पुलिस अपनी नियमित प्रक्रिया के तहत वहां मौजूद थी।

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