बाराबंकी/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कुर्सी थाना क्षेत्र में मंगलवार को सगे रिश्तों के कत्ल की कोशिश का एक खौफनाक मामला सामने आया है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश सचिव अफसर अली को उनके सगे भतीजे उबैद ने पुरानी रंजिश में सरेआम गोली मार दी। अली को गंभीर हालत में लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वे जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
अंतिम संस्कार से लौटे थे चाचा, भतीजे ने दाग दी गोली
जानकारी के अनुसार, अफसर अली अपने गांव लोहराहर के पास ही एक दूसरे गांव में किसी परिचित के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। वहां से लौटने के बाद वे गांव की ही एक दुकान के पास रुककर स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उनका भतीजा उबैद वहां पहुंचा और बिना किसी चेतावनी के तमंचे से उन पर फायर झोंक दिया। गोली के छर्रे सीधे अफसर अली के सीने में जा लगे और वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।अचानक हुई गोलीबारी से गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें लखनऊ के अस्पताल पहुंचाया।
संपत्ति का विवाद बना रंजिश की वजह
घटना की गंभीरता को देखते हुए फतेहपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी जगतराम कनौजिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि चाचा और भतीजे के बीच काफी समय से जमीन और संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था।
कोतवाल कृष्णकांत सिंह का बयान: “आरोपी उबैद को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि जमीन के विवाद के कारण उसने अपने चाचा पर हमला किया। इस मामले में उबैद सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।”
रालोद में है गहरा प्रभाव
अफसर अली बाराबंकी और आसपास के जिलों में राष्ट्रीय लोकदल का एक जाना-माना चेहरा हैं। वे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और वर्तमान में जयंत चौधरी के नेतृत्व वाली पार्टी में प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस घटना के बाद रालोद समर्थकों और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश है।
गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
वारदात के बाद लोहराहर गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, जिसे देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश में उबैद के साथ और कौन-कौन शामिल था। फिलहाल, डॉक्टरों की एक टीम अफसर अली की जान बचाने में जुटी हुई है।
