भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक रही। यह प्रदेश की पहली ‘पेपरलेस ई-कैबिनेट’ थी, जिसमें मंत्रियों ने फाइलों के बजाय टैबलेट का उपयोग किया। बैठक में शिक्षा, सिंचाई, रोजगार और तकनीकी विकास को लेकर दूरगामी निर्णय लिए गए।उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बैठक के बाद निर्णयों की जानकारी साझा की।
शिक्षा और संस्कृति: 200 सांदीपनि विद्यालयों को मंजूरी
प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए सरकार ने 200 नए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति दी है। ये विद्यालय आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय मूल्यों और संस्कारों पर आधारित होंगे।
शिक्षकों के लिए खुशखबरी: चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान
राज्य कैबिनेट ने शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान योजना लागू करने का बड़ा फैसला लिया है।सहायक शिक्षक, शिक्षक और नवीन शैक्षणिक संवर्ग को इसका सीधा लाभ मिलेगा।इस योजना पर सरकार लगभग 322.34 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार वहन करेगी। यह शिक्षकों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित राहत भरा फैसला है।
सिंचाई: 20 हजार किसानों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट ने तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपए के बजट को मंजूरी दी है।मोहनपुरा विस्तार परियोजना (राजगढ़): 396.21 करोड़ रुपए की लागत से 26 गांवों की 11,040 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।सुल्तानपुर उद्वहन सिंचाई (रायसेन): 115.99 करोड़ रुपए से 20 गांवों की 5,700 हेक्टेयर भूमि को पानी मिलेगा।बादना सिंचाई परियोजना (रायसेन): 386.22 करोड़ रुपए से 36 गांवों की 15,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
रोजगार और तकनीक: स्पेस टेक नीति 2026
मध्य प्रदेश को तकनीकी हब बनाने की दिशा में ‘MP स्पेस टेक नीति 2026’ को मंजूरी दी गई है। इस नीति के लागू होने से प्रदेश में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और लगभग 8 हजार नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
व्यापार मेलों में 50% RTO टैक्स की छूट
ग्वालियर और उज्जैन के व्यापार मेलों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है।ग्वालियर व्यापार मेला 2026 और उज्जयिनी विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल (वाहनों) की बिक्री पर मोटरयान कर (RTO टैक्स) में 50% की छूट दी जाएगी। इससे वाहन खरीदारों को बड़ी बचत होगी।
सिंहस्थ 2028 की तैयारी
आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन संभाग की जल आवर्धन योजना के लिए 1133.67 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही नई आबकारी नीति निर्धारण के लिए एक मंत्रिपरिषद समिति के गठन को भी हरी झंडी दी गई।
