जमशेदपुर: उत्तराखंड की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ जमशेदपुर की अदालत में कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। बिहार की बेटियों के खिलाफ कथित रूप से अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आगामी 20 जनवरी को अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।मंगलवार को इस मामले के शिकायतकर्ता और शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह ने एडीजे-2 (ADJ-2) अमरमणि त्रिपाठी की अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह के अनुसार, गिरधारी लाल साहू ने एक सार्वजनिक मंच या बयान के माध्यम से बिहार की बेटियों के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली टिप्पणी की थी।अधिवक्ता का तर्क है कि मंत्री के पति जैसे जिम्मेदार पद से जुड़े व्यक्ति द्वारा दिया गया ऐसा बयान न केवल भाषाई मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि यह एक बड़े समुदाय और राज्य की महिलाओं की गरिमा को अपमानित करने वाला है।इस मामले को लेकर जमशेदपुर कोर्ट में शिकायत वाद दर्ज कराया गया था, जिस पर अब सुनवाई प्रक्रिया तेज हो गई है।
कोर्ट में दलीलें और अगली तारीख
मंगलवार को हुई कार्यवाही के दौरान अधिवक्ता प्रदीप कुमार सिंह ने अदालत को बताया कि इस तरह के बयानों से समाज में विद्वेष फैलता है और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता कम होती है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्यों और दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया है। एडीजे-2 अमरमणि त्रिपाठी की अदालत ने इस मामले की अगली विस्तृत सुनवाई के लिए 20 जनवरी 2026 की तिथि मुकर्रर की है।
राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा
उत्तराखंड की एक कद्दावर मंत्री के पति पर झारखंड (जमशेदपुर) की अदालत में चल रहे इस मुकदमे ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 20 जनवरी की सुनवाई में अदालत आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाती है, तो गिरधारी लाल साहू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और उन्हें समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश भी दिया जा सकता है।
