Madhya Pradesh: ग्वालियर में धमाके के साथ निकली जलधारा,दर्जनों मकानों में दरारें

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर की पॉश कॉलोनी ‘अर्बन ग्रीन सिटी’ में शनिवार की आधी रात को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जमीन के नीचे बिछी पानी की मुख्य पाइपलाइन भीषण धमाके के साथ फट गई। धमाका इतना जोरदार था कि सड़क का सीना चीरते हुए पानी का सैलाब फूट पड़ा, जिससे देखते ही देखते पूरी कॉलोनी दरिया में तब्दील हो गई।

सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर

इस घटना का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आधी रात को अचानक सड़क के नीचे एक जोरदार ब्लास्ट होता है और पानी की एक विशाल धार आसमान की ओर उठती है। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पानी घरों के अंदर घुसने लगा।

घरों में आईं दरारें, सामान बर्बाद

पाइपलाइन फटने का दबाव इतना अधिक था कि जमीन के अंदर हलचल मच गई।लगभग एक दर्जन मकानों की दीवारों और छतों में गहरी दरारें आ गई हैं। लोग दहशत में हैं कि उनके आशियाने कहीं भरभराकर गिर न जाएं।घरों के बाहर बने पक्के चबूतरे और रैंप पूरी तरह ध्वस्त हो गए। घरों के बाहर और निचले हिस्से में रखा कीमती सामान पानी में डूबने से खराब हो गया है। डर के मारे लोग अपने ही घरों के अंदर जाने से कतरा रहे हैं और रात भर सड़कों पर रहने को मजबूर हुए।

नगर निगम की कार्यशैली पर फूटा आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम आयुक्त संघप्रिय मौके पर पहुंचे और मुख्य लाइन को बंद करवाया। हालांकि, कॉलोनीवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इतनी घटिया क्वालिटी की पाइपलाइन डाली गई है कि आज एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। अगर यह ब्लास्ट किसी घर के बिल्कुल नीचे होता, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। भारी मात्रा में पानी बर्बाद होने के बाद अधिकारी जागते हैं।

भरपाई के आश्वासन पर अड़े लोग

निगम अधिकारी फिलहाल पाइपलाइन की मरम्मत की बात कह रहे हैं, लेकिन स्थानीय निवासी नुकसान की भरपाई की मांग पर अड़े हैं। लोगों का कहना है कि उनकी गाड़ियां निकालने तक का रास्ता बंद है और मकानों की मजबूती पर खतरा मंडरा रहा है।

निगम आयुक्त का पक्ष

नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने कहा कि घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे और पीड़ितों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।

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