Jharkhand: जेपीएससी के 11 वीं से 13 वीं बैच के 40 प्रशिक्षु पहुंचे घाटशिला, सीखा कार्य का अनुभव

घाटशिला: प्रशासनिक सेवा में कदम रखने से पूर्व व्यावहारिक ज्ञान और कार्य अनुभव हासिल करने के उद्देश्य से जेपीएससी 11वीं से 13वीं बैच के 40 प्रशिक्षु अधिकारियों का दल शनिवार को घाटशिला पहुँचा। प्रखंड मुख्यालय पहुँचने पर बीडीओ युनिका शर्मा ने सभी प्रशिक्षुओं का भव्य स्वागत किया और उन्हें सरकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की बारीकियों से रूबरू कराया।

प्रखंड कार्यालय में लगी ‘प्रशासनिक पाठशाला’

भ्रमण की शुरुआत प्रखंड कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक के साथ हुई। बीडीओ युनिका शर्मा ने सभी प्रशिक्षुओं को प्रखंड के कार्य संचालन, फाइलों के रख-रखाव और जनहित की योजनाओं के प्रशासनिक ढांचे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि किताबी ज्ञान और फील्ड के अनुभव में काफी अंतर होता है, जिसे समझना एक अधिकारी के लिए अनिवार्य है।

धरातल पर योजनाओं का निरीक्षण

बैठक के पश्चात प्रशिक्षुओं की टीम ने विभिन्न पंचायतों का दौरा किया। काशिदा पंचायत में उन्होंने सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को करीब से देखा।आवास निर्माण की प्रक्रिया और लाभार्थियों के चयन के मापदंडों को समझा।: पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के फंड मैनेजमेंट की जानकारी ली। गोबर गैस प्लांट और आम बागवानी (बिरसा मुंडा बागवानी योजना) का निरीक्षण कर बारीकियों को जाना।ग्रामीण विरासत को संजोने के प्रयासों को देखा।

संस्कृति और कला का अनुभव: आमाडुबी का दौरा

प्रशिक्षुओं की एक टीम ने धालभूमगढ़ प्रखंड का भी रुख किया। यहाँ उन्होंने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आमाडुबी में जाकर झारखंड की गौरवशाली ‘पाटकार पेंटिंग’ को देखा और स्थानीय कलाकारों से संवाद किया। अधिकारियों ने समझा कि कैसे स्थानीय कला और संस्कृति को पर्यटन से जोड़कर स्वरोजगार पैदा किया जा सकता है।

“नौकरी से पूर्व अनिवार्य ट्रेनिंग है यह फील्ड विज़िट”: बीडीओ

प्रशिक्षुओं के इस दौरे के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए बीडीओ युनिका शर्मा ने कहा जेपीएससी परीक्षा पास करने के बाद सभी प्रशिक्षुओं को फील्ड भ्रमण कराया जाता है। यह नौकरी में विधिवत योगदान देने से पहले की एक महत्वपूर्ण ट्रेनिंग है। हमारा लक्ष्य है कि जब ये अधिकारी अपने पदों पर बैठें, तो उन्हें कार्य योजना लागू करने या ग्रामीण समस्याओं को समझने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

बुरुडीह डैम की प्राकृतिक सुंदरता और बोटिंग का आनंद

दिन भर के व्यस्त शैक्षणिक और प्रशासनिक दौरे के बाद शाम को सभी प्रशिक्षु बुरुडीह डैम पहुँचे। यहाँ उन्होंने प्रकृति की सुरम्य वादियों का आनंद लिया और डैम में बोटिंग का लुत्फ उठाया। प्रशिक्षुओं ने यहाँ पर्यटन विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

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