Jharkhand: वोटर लिस्ट मैपिंग में पिछड़ा शहर, उप निर्वाचन पदाधिकारी ने संभाली कमान

जमशेदपुर: जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची की मैपिंग की धीमी रफ्तार ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। राज्य स्तर पर इस कार्य में पिछड़ने के बाद उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह खुद धरातल पर उतरीं। उन्होंने सोमवार को चिन्हित 8 बूथों के बीएलओ के पास पहुँचकर समस्याओं का जायजा लिया और कार्य में सुधार के लिए ‘गुरुमंत्र’ दिए।

पिछड़ने का कारण: खाली पद और औसत से कम मैपिंग

जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में वोटर लिस्ट की मैपिंग का प्रतिशत राज्य के औसत से काफी कम है। इसकी एक बड़ी वजह जमशेदपुर पश्चिम के ईआरओ का पद खाली होना भी है। एडीसी के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त है, जिसका सीधा असर कार्यों की निगरानी पर पड़ा है। इसी कमी को दूर करने के लिए उप निर्वाचन पदाधिकारी को खुद मोर्चे पर उतरना पड़ा।

इन बूथों पर पहुँचकर जानी जमीनी हकीकत

प्रियंका सिंह ने सुबह 11 बजे से विशेष अभियान चलाकर जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिम के उन बूथों का दौरा किया, जहाँ मैपिंग का कार्य सबसे सुस्त था वो है जमशेदपुर पूर्वी: बूथ नंबर 54, 83, 156 और 204 और जमशेदपुर पश्चिम: बूथ नंबर 226, 245, 248 और 262।

समस्याओं का ऑन-स्पॉट समाधान

उप निर्वाचन पदाधिकारी ने केवल निर्देश नहीं दिए, बल्कि बीएलओ, सुपरवाइजर और कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ बैठकर तकनीकी समस्याओं को समझा।उन्होंने बीएलओ को बताया कि डिजिटल मैपिंग के दौरान डेटा एंट्री के कौन से तरीके अपनाने से प्रतिशत में तेजी से बढ़ोतरी होगी।कंप्यूटर ऑपरेटर और बीएलओ के बीच तालमेल की कमी को दूर किया गया ताकि डेटा सिंक करने में देरी न हो।जिन बीएलओ का प्रदर्शन औसत से कम था, उन्हें विशेष कार्ययोजना के तहत मैपिंग पूरी करने की समय-सीमा दी गई।

प्रशासनिक मुस्तैदी

प्रियंका सिंह ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची की मैपिंग एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईआरओ के पद रिक्त होने के बावजूद अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर कार्य को समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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