Jharkhand: रेड क्रॉस सोसाइटी का ‘नेत्र ज्योति महायज्ञ’ शुरू; नेपाल और पड़ोसी राज्यों से जुटे सैकड़ों मरीज

जमशेदपुर : मानवता की सेवा और अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने के संकल्प के साथ जमशेदपुर रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा बागबेड़ा स्थित राम मनोहर लोहिया नेत्रालय में ‘नेत्र ज्योति महायज्ञ’ का भव्य आयोजन किया गया है। के.के. सिंह की पुण्य स्मृति में आयोजित यह चार दिवसीय महायज्ञ न केवल झारखंड, बल्कि पड़ोसी राज्यों और देशों के जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है।

पडोसी राज्य से भी पहुँचे जरूरतमंद

इस नेत्र शिविर की ख्याति और विश्वसनीयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ उपचार के लिए झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और पड़ोसी देश नेपाल से भी सैकड़ों की संख्या में मरीज पहुँचे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर इन मरीजों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम नहीं है।

300 मरीजों का होगा नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन

संस्था के अध्यक्ष विकास सिंह ने बताया कि इस चार दिवसीय शिविर के दौरान लगभग 300 मरीजों का चयन मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए किया गया है।ऑपरेशन के साथ-साथ दवाइयां और सफल सर्जरी के बाद मरीजों को नि:शुल्क चश्मा भी प्रदान किया जाएगा।दूर-दराज से आए मरीजों के लिए रहने, खाने-पीने और देखभाल की मुकम्मल व्यवस्था रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा की गई है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

लक्ष्य: 5 वर्षों में 2 लाख आँखों की रोशनी लौटाना

विकास सिंह ने संस्था की उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए कहा कि जमशेदपुर रेड क्रॉस सोसाइटी अब तक एक लाख से अधिक सफल नेत्र ऑपरेशन का कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है।”हमारा लक्ष्य सेवा की इस गति को और तेज करना है। अगले पांच वर्षों में हमने दो लाख नेत्र ऑपरेशन करने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि कोई भी व्यक्ति धन के अभाव में दृष्टिहीनता का शिकार न हो।”

सेवा और मानवता की मिसाल

राम मनोहर लोहिया नेत्रालय में चल रहा यह आयोजन केवल एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है। डॉक्टरों की टीम और रेड क्रॉस के स्वयंसेवक दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे हैं। इस महायज्ञ के माध्यम से सैकड़ों लोग अब दुनिया को अपनी आँखों से दोबारा देख सकेंगे।

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