Bihar: नीतीश के ‘हिजाब विवाद’ पर मांझी का बचाव, बोले- “बेटी-बहू समझकर किया होगा; इसे धर्म के चश्मे से न देखें”

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने की कोशिश का वीडियो वायरल होने के बाद सूबे की सियासत में उबाल आ गया है। जहाँ विपक्ष इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को घेर रहा है, वहीं एनडीए के घटक दल और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी अब नीतीश कुमार के बचाव में मजबूती से उतर आए हैं।

“मंशा गलत नहीं थी” – जीतनराम मांझी

गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा के सुप्रीमो जीतनराम मांझी ने कहा कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। मांझी ने तर्क दिया कि मुख्यमंत्री की मंशा (इंटेंशन) खराब नहीं थी।मांझी ने कहा अगर जानबूझकर कोई बात होती तो हम कह सकते थे। मुख्यमंत्री ने एक्सीडेंटली उसे अपनी बेटी-बहू समझकर बात की होगी। अक्सर हम टोक देते हैं कि जुल्फें क्यों रखी हैं या यह क्या पहना है। उन्होंने भी शायद यही सोचा होगा कि काम पर जाते समय इसकी क्या जरूरत है। इसे धर्म के चश्मे से देखना गलत है।”

क्या है पूरा विवाद?

विदित हो कि पिछले दिनों पटना में आयुष डॉक्टरों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। मंच पर जब एक महिला चिकित्सक अपना अपॉइंटमेंट लेटर लेने पहुंची, तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कथित तौर पर उसका हिजाब हटाने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया, जिसके बाद से नीतीश कुमार निशाने पर हैं।

विपक्ष हमलावर, मुस्लिम संगठनों में नाराजगी

इस घटना को लेकर आरजेडी , कांग्रेस और वामपंथी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने इसे “बेहद शर्मनाक” और महिला की गरिमा व धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है। कई मुस्लिम संगठनों ने भी मुख्यमंत्री के इस व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनसे माफी की मांग की है।

धमकी और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

यह विवाद अब केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहा है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पाकिस्तान के एक तथाकथित ‘डॉन’ से धमकी मिलने की भी खबर है। बिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस धमकी की गंभीरता से जांच कर रही हैं और मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।

सियासी चश्मे से एनडीए बनाम महागठबंधन


फिलहाल, पूरी एनडीए सरकार मुख्यमंत्री के ‘क्लीन इंटेंशन’ का हवाला देकर बचाव मोड में है, जबकि महागठबंधन इस मुद्दे को आगामी चुनावों और महिला सुरक्षा के नजरिए से भुनाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद बिहार विधानसभा के पटल पर भी हंगामे का कारण बन सकता है।

Exit mobile version